कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल देखने को मिला है। भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित रूप से धमकी देने के आरोप में फरार चल रहे तृणमूल कांग्रेस विधायक दिलीप मंडल को आखिरकार बंगाल पुलिस ने ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार कर लिया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और डायमंड हार्बर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में विधायक को एक होटल से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

पूरा मामला उस वायरल वीडियो से जुड़ा है जिसमें दिलीप मंडल कथित तौर पर भाजपा समर्थकों को खुलेआम चेतावनी देते नजर आए थे। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। 14 मई को पुलिस ने पैलान स्थित विधायक के बंगले पर दबिश भी दी थी, लेकिन उससे पहले ही वे फरार हो गए थे और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि विधायक पुरी के एक नामी होटल में छिपे हुए हैं। इसके बाद STF की टीम ने ओडिशा पहुंचकर होटल के रिकॉर्ड खंगाले और पहचान पक्की होने के बाद कमरे में छापा मारकर उन्हें हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने अदालत से राहत पाने की कोशिश भी की थी, लेकिन कानूनी सुरक्षा मिलने से पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

इस मामले में दिलीप मंडल के परिवार पर भी पहले से पुलिस का शिकंजा कस चुका है। उनके बेटे अर्घ्य मंडल को इलाके में अशांति फैलाने और अवैध हथियार रखने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई बंगाल की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और बढ़ते टकराव का संकेत है। फिलहाल, पुलिस विधायक से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।