
बिलासपुर। शहर के खपरगंज इलाके में हुए बवाल और पथराव के केस में फरार चल रहे हिंदूवादी नेता राम सिंह ठाकुर को पुलिस ने धर दबोचा है। गिरफ्तारी मध्य प्रदेश के पन्ना से हुई है। पुलिस को चकमा देकर वह अपने एक दोस्त के घर दुबका हुआ था। इस पूरे विवाद में अब तक दोनों गुटों के 30 लोग सलाखों के पीछे जा चुके हैं।
लोकेशन बदल-बदल कर दे रहा था चकमा
राम सिंह ठाकुर घटना के बाद से ही पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था। उसे पकड़ने के लिए टीमें रायपुर में कई बार छापे मार चुकी थीं, पर वह हाथ नहीं आया। इसके बाद साइबर और तकनीकी टीम ने उसकी लोकेशन निकालनी शुरू की। कुछ दिन पहले खबर मिली कि वह यूपी और उत्तराखंड की तरफ भाग निकला है।
फरारी काटने के दौरान यह भी पता चला कि वह छतरपुर में कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बागेश्वर धाम भी गया था। वहां से पुलिस को पक्की भनक लगी कि वह मध्य प्रदेश के पन्ना में छिपा है। वह बृजपुर थाना इलाके के माकरी कुठार गांव में अपने दोस्त धीरेंद्र पटेल के घर शरण लिए हुए था। भनक लगते ही बिलासपुर से एसीसीयू (ACCU) की टीम फौरन वहां पहुंची और दबिश देकर उसे उठा लिया। एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने बताया कि पुलिस टीम उसे लेकर बिलासपुर आ गई है। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
वीडियो जारी कर कहा था- जेल में मार देंगे, पर नहीं किया सरेंडर
फरारी के वक्त राम सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया था। उसमें खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा था कि धर्म के लिए लड़ने के कारण उसे अपराधी बनाया गया है। उसने पुलिस और जेहादियों पर टारगेट करने का इल्जाम लगाया था। वीडियो में वह बोला था कि मैं जल्दी ही सरेंडर करूंगा, लेकिन उसे डर था कि जेल में उसकी हत्या हो सकती है। उसने लोगों से अपील की थी कि कुछ हो जाए तो उसके मां-बाप का ख्याल रखें। इतनी बातें करने के बाद भी वह पुलिस के सामने नहीं गया और रायपुर से भी खिसक लिया।
जानिए खपरगंज में उस रात क्या हुआ था
पूरा विवाद 28 अगस्त की रात का है। खपरगंज इलाके में पुरानी खुन्नस और सोशल मीडिया पर की गई एक कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी को लेकर दो गुट भिड़ गए थे। मामला मारपीट और जमकर पत्थरबाजी तक पहुंच गया। दोनों गुट आमने-सामने आ गए। पुलिस फोर्स पहुंची तो भीड़ बेकाबू थी। डंडे चलाने पड़े और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
इसी दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर ही पत्थर बरसा दिए। इस हमले में तारबाहर टीआई रवि तिवारी समेत 9 पुलिस वाले घायल हो गए। हालात ऐसे बिगड़े कि कलेक्टर संजय अग्रवाल को धारा 144 लगानी पड़ी।
सोहेल खान समेत 30 पर हो चुकी है कार्रवाई
इस घटना के बाद पुलिस ने दोनों तरफ के करीब 100 लोगों को आरोपी बनाया और जानलेवा हमले जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की। पुलिस लगातार दबिश देकर आरोपियों को उठा रही है। एक गुट के मुख्य आरोपी सोहेल खान और उसके 15 साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दूसरे गुट से भी दर्जन भर लोग पकड़े जा चुके हैं। बस राम सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर था, जिसकी तलाश अब पूरी हो गई है।