
सिलपहरी के छोटे कबाड़ी को बड़े कबाड़ियों ने काली मंदिर के पास बुलाया और घंटों बंधक बनाए रखा।
आरोपियों ने पीड़ित के घर जाकर खुद को पुलिसवाला बताया और पत्नी को गांजे के केस में फंसाने की धमकी दी।
एसएसपी के निर्देश पर 6 आरोपियों पर केस दर्ज, असली पुलिस ने गिरफ्तार दो कबाड़ियों का सड़क पर निकाला जुलूस।
बिलासपुर के कबाड़ बाजार में वर्चस्व की जंग अब फिल्मी स्टाइल की किडनैपिंग और लूटपाट तक पहुंच गई है। सिरगिट्टी इलाके में छह कबाड़ियों ने मिलकर एक छोटे कबाड़ी और उसके साले को बंधक बना लिया। न सिर्फ उन्हें घंटों एक कमरे में कैद कर पीटा गया, बल्कि उनकी पिकअप गाड़ी भी लूट ली गई।
हैरानी की बात यह है कि ये कबाड़ी चंद रुपयों के लालच में खुद को 'पुलिस' समझने की भारी भूल कर बैठे। पीड़ित के घर जाकर इन्होंने फर्जी पुलिसवाले बनकर घर की तलाशी ली और पत्नी को डराकर 2 लाख 70 हजार रुपये ऐंठ लिए। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर सिरगिट्टी पुलिस ने 6 आरोपियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर दो को दबोच लिया है।
ऐसे बुना गया अपहरण का जाल
गणेशनगर चुचुहियापारा के रहने वाले सैयद प्रिंस बक्शी सिलपहरी में कबाड़ की छोटी सी दुकान चलाते हैं। उनके पिता का नाम सैयद इकराम बक्शी है। 11 जून को राहुल नाम के एक कबाड़ी ने उन्हें फोन किया। उसने प्रिंस को काली मंदिर के पास बने कबाड़ी गोदाम में किसी सौदे के बहाने मिलने बुलाया।
प्रिंस अपने साले को साथ लेकर बताई गई जगह पर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद कबाड़ियों ने उनसे मजहर नाम के व्यक्ति से कबाड़ खरीदने को लेकर बेमतलब का विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ी कि आरोपियों ने जीजा-साला को वहीं एक कमरे में बंधक बना लिया। भागने से रोकने के लिए कमरे के बाहर दो लोगों की बाकायदा पहरेदारी में ड्यूटी भी लगा दी गई।
कबाड़ी बन गए सिंघम, घर जाकर पत्नी को धमकाया
अपहरण के बाद आरोपियों का हौसला इतना बढ़ गया कि वे सीधे प्रिंस की दुकान पहुंचे और वहां खड़ी पिकअप गाड़ी लूट ली। इसके बाद यह गैंग प्रिंस के घर जा पहुंचा और खुद को पुलिसवाला बताकर घर की सघन तलाशी लेने लगा। दिनभर लोहे के टुकड़े तौलने वाले ये लोग अचानक 'सिंघम' की तरह रौब झाड़ रहे थे।
उन्होंने प्रिंस की पत्नी को धमकाया कि अगर पैसे नहीं दिए, तो तुम्हारे पति को गांजे के झूठे केस में फंसाकर सीधा जेल भेज देंगे। डरी-सहमी पत्नी ने फोन पर पति से बात की। इसके बाद इन फर्जी पुलिसवालों को 2 लाख 70 हजार रुपये नकद दे दिए। मोटी रकम मिलने के बाद ही शाम को बंधक जीजा-साला को छोड़ा गया।
असली पुलिस ने निकाला जुलूस, उतरा सारा रौब
इस खौफनाक वारदात से छूटने के बाद प्रिंस ने सीधे एसएसपी रजनेश सिंह के पास जाकर न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी के सख्त निर्देश पर सिरगिट्टी पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने कबाड़ी फिरोज, रोहित, राहुल, रितिक, सफीर और तौसिफ के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 127(2), 296, 3(5), 308(2), 39, और 351(3) लगाई गई है।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी फिरोज और सफीर खान को गिरफ्तार कर लिया है। खुद को पुलिस बताने वाले इन कबाड़ियों को जब असली पुलिस ने पकड़ा, तो उनका सारा फिल्मी नशा उतर गया। पुलिस ने इन आरोपियों का सड़क पर बाकायदा जुलूस निकाला, ताकि इलाके के लोगों के बीच से इनका खौफ खत्म हो सके। बाकी चार फरार कबाड़ियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।