बिलासपुर में कथित पत्रकारों द्वारा वसूली का दिलचस्प मामला सामने आया है थाने के बैरक में सोते हुए पुलिसवाले शराब की बोतलें और वसूली के एक वायरल ऑडियो ने ऐसा भौकाल बनाया कि पुलिस ने तुरंत वसूली का केस दर्ज करना पड़ा पुलिस ने बिना कोई समय बर्बाद किए अपने ही एक आरक्षक दो पत्रकारों और एक चाय वाले पर एफआईआर दर्ज कर दी अब सबसे मजे की बात यह है कि जिन पत्रकारों पर केस हुआ है उनके खिलाफ पहले भी कई विवादित मामले आ चुके हैं लेकिन अपने इन दागी और प्रेस क्लब सदस्यता की वेटिंग लिस्ट वाले साथियों को बचाने के लिए प्रेस क्लब के एक पदाधिकारी पूरी ताकत से मैदान में उतर आए वह तुरंत पत्रकारों की फौज लेकर एसएसपी के पास पहुंचे और पुलिस की इस कार्रवाई पर ही सवाल उठा दिए।
यह पूरा विवाद सिविल लाइन थाने के पुराने बैरक से शुरू हुआ दरअसल एक साल पुराना एक वीडियो अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया इस वीडियो में आरक्षक मनोज साहू आराम से फर्श पर सोते दिख रहे हैं और उनके पास वाले कमरे में भारी मात्रा में शराब और बीयर की बोतलें सजी हुई हैं यह वीडियो वायरल होने के ठीक अगले दिन एक और बम फूटा एक चाय की दुकान चलाने वाले सोनू सिंह और उसी आरक्षक मनोज साहू के बीच फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो बाजार में आ गया इस सात दिन पुराने ऑडियो में सोनू सिंह बड़ी ही सहजता से शाम 5 बजे तक मिलने और पत्रकारों के नाम पर 50 हजार रुपए देने की सेटिंग कर रहा है उसने पूरी बातचीत में पत्रकारों का नाम भी लिया सोनू ने आरक्षक को यह भी बताया कि शराब वाला वह वीडियो आरक्षक रितेश मिश्रा ने ही पत्रकारों को दिया है।
ऑडियो सामने आते ही पुलिस एकदम एक्शन में आ गई पुलिस ने तत्काल फुर्ती दिखाते हुए आरक्षक रितेश मिश्रा पहले से दागी छवि वाले पत्रकार अनुज श्रीवास्तव जियाउल्लाह खान और चाय वाले सोनू सिंह के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज कर लिया बस यही बात प्रेस क्लब के एक गोरे चिट्टे पदाधिकारी को बुरी लग गई उन्होंने तुरंत कुछ पत्रकारों को जमा किया और एसएसपी रजनेश सिंह के दफ्तर पहुंच गए उनका सीधा आरोप था कि पुलिस ने बिना दूसरे पक्ष को सुने एकतरफा कार्रवाई की है पदाधिकारी महोदय ने यह भी कह दिया कि पुलिस तो जैसे पत्रकारों पर केस दर्ज करने के लिए बस इसी मौके की ताक में बैठी थी
इधर शिकायत की गंभीरता को समझते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने सही जांच कराने का भरोसा दिया है जांच को एकदम पारदर्शी बनाने के लिए दो वरिष्ठ पत्रकारों को भी नई जांच टीम में शामिल करने की बात कही गई है