
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CJP प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फेक न्यूज और भ्रामक वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि प्रदर्शन से जुड़ी कई झूठी खबरें और एडिटेड वीडियो जानबूझकर वायरल किए गए, जिनका मकसद लोगों में डर, भ्रम और तनाव फैलाना था।
480 पाकिस्तान-आधारित हैंडल पर कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अब तक 400 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई है जो फर्जी और भ्रामक सामग्री साझा कर रहे थे। इसके अलावा पाकिस्तान से संचालित 480 सोशल मीडिया हैंडल को भी ब्लॉक किया गया है। पुलिस का कहना है कि इन अकाउंट्स के जरिए प्रदर्शन से जुड़े झूठे दावे और भड़काऊ कंटेंट फैलाया जा रहा था।
'महिला प्रदर्शनकारी की मौत' का दावा निकला झूठा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने कई वायरल पोस्ट के उदाहरण पेश किए। इनमें सबसे चर्चित दावा था कि 20 जुलाई की घटना में एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि यह खबर पूरी तरह गलत थी। संबंधित महिला अस्पताल में भर्ती थी और उसकी मृत्यु नहीं हुई थी। पुलिस ने इस दावे का तत्काल आधिकारिक खंडन भी जारी किया था।
केजरीवाल की पोस्ट का भी किया जिक्र
दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की एक सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया। पुलिस के अनुसार, पोस्ट में दावा किया गया था कि रात के समय दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने वाली है। डीसीपी ने इसे भ्रामक बताते हुए कहा कि ऐसा कोई अभियान प्रस्तावित नहीं था।
सोनम वांगचुक का डीपफेक और 'सेना तैनाती' का फर्जी वीडियो
पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एक कथित डीपफेक वीडियो भी वायरल किया गया। इसके अलावा दिल्ली में सेना की तैनाती को लेकर भी कई फर्जी वीडियो और पोस्ट प्रसारित किए गए। पुलिस का कहना है कि इनका उद्देश्य केवल अफवाह फैलाना और लोगों में दहशत का माहौल बनाना था।
फेक न्यूज रोकने के लिए बनी विशेष टास्क फोर्स
दिल्ली पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर तत्काल कार्रवाई के लिए एक विशेष सोशल मीडिया टास्क फोर्स बनाई गई है। यह टीम वायरल कंटेंट की लगातार निगरानी कर रही है और भ्रामक पोस्ट के खिलाफ तथ्यात्मक जानकारी जारी कर रही है।
जनता से पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो, फोटो या संदेश पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें। पुलिस का कहना है कि फेक न्यूज न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती है, बल्कि समाज में अनावश्यक भय और भ्रम भी पैदा करती है।