बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय का डिजिटल प्रबंधन सिस्टम ‘समर्थ पोर्टल’ कथित रूप से हैक होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामले के सामने आते ही परीक्षा की गोपनीयता और छात्रों के निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय में इन दिनों यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों की सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। इसी बीच कुछ छात्रों तक परीक्षा से पहले ऐसे प्रश्नपत्र पहुंचने की चर्चा सामने आई है, जिनके प्रश्न वास्तविक परीक्षा में पूछे गए सवालों से मेल खाते बताए जा रहे हैं। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि नहीं की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की है। इसके बाद जांच के लिए पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, समर्थ पोर्टल में प्रवेश, परीक्षा, छात्र रिकॉर्ड, शैक्षणिक दस्तावेज और प्रशासनिक सूचनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा सुरक्षित रहता है। ऐसे में पोर्टल में किसी प्रकार की सेंधमारी की पुष्टि होने पर हजारों छात्रों की संवेदनशील जानकारी प्रभावित हो सकती है।

छात्रों और अभिभावकों ने भी डेटा सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जांच जारी है और अभी तक प्रश्नपत्र लीक होने के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि पोर्टल में कथित सेंधमारी कैसे और कब हुई।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, प्रशासन साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और संभावित जोखिमों का आकलन करने में जुटा हुआ है।