रायपुर: रायपुर में तेजी से बढ़ रहे वजन घटाने वाली दवाओं के अवैध कारोबार पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। फूड एंड ड्रग प्रशासन विभाग ने जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाकर उन मेडिकल दुकानों पर कार्रवाई की, जहां बिना डॉक्टर की सलाह के वेट लॉस मेडिसिन बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। विभाग को आशंका है कि कई केमिस्ट नियमों को दरकिनार कर लोगों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं। इसी के चलते अधिकारियों ने एक साथ कई दुकानों पर दबिश देकर दस्तावेजों और दवाओं के रिकॉर्ड की जांच की।

जांच अभियान के दौरान ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने मेडिकल स्टोर्स में दवाओं के स्टॉक, खरीद-बिक्री बिल, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट, सप्लायर डिटेल्स और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की। अधिकारियों ने विशेष रूप से उन दवाओं पर फोकस किया, जिन्हें बिना चिकित्सकीय परामर्श के ग्राहकों को बेचा जा रहा था। विभाग ने यह भी देखा कि कहीं प्रतिबंधित या संदिग्ध दवाओं का स्टॉक तो नहीं रखा गया है।

फूड एंड ड्रग विभाग की कार्रवाई के तहत रायपुर जिले में कुल 92 मेडिकल प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिनमें 19 होलसेल और 73 रिटेल मेडिकल स्टोर्स शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया। जांच में तीन फर्मों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित संचालकों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना नियमों के दवाओं की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर्स पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सेहत से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने सभी मेडिकल दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि वे दवाओं की बिक्री केवल निर्धारित मानकों और डॉक्टर की वैध सलाह के आधार पर ही करें, अन्यथा लाइसेंस निलंबन से लेकर कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है।