हरिद्वार। निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्ष सामने आए हैं। डॉक्टरों के पैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, कोली की मौत फांसी लगाने के बाद दम घुटने से हुई। रिपोर्ट में गर्दन पर फंदे के निशान समेत कई ऐसे चिकित्सकीय साक्ष्य दर्ज किए गए हैं, जो मौत के कारण को समझने में अहम माने जा रहे हैं।

गर्दन पर मिले फंदे के निशान, अंदरूनी चोटों का भी जिक्र
पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों को सुरेंद्र कोली की गर्दन पर फंदे के दबाव से बने स्पष्ट निशान मिले। रिपोर्ट में गर्दन के भीतर मौजूद एक छोटी हड्डी और गले की संरचना में फ्रैक्चर के साक्ष्य भी दर्ज किए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, ये निष्कर्ष फांसी के दौरान गर्दन पर पड़े दबाव से संबंधित हो सकते हैं।

चेहरे और आंखों पर भी मिले रक्तस्राव के निशान
रिपोर्ट में आंखों और चेहरे पर छोटे-छोटे रक्तस्राव के निशान मिलने का उल्लेख है। इसके साथ ही नाक और मुंह से खून आने की बात भी दर्ज की गई है। ऐसे लक्षण दम घुटने या फांसी के मामलों में देखे जा सकते हैं। हालांकि, इन चिकित्सकीय निष्कर्षों को पूरी रिपोर्ट और जांच के संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जांच को मिला अहम आधार
सुरेंद्र कोली की मौत को लेकर सामने आए पोस्टमार्टम निष्कर्ष जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी के चलते दम घुटना बताया गया है। इन चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।