
जांजगीर-चांपा। शादी के लिए जीवनसाथी तलाश रहे युवक को ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए ऐसा जाल में फंसाया गया कि वह लाखों रुपये गंवा बैठा। कथित मैरिज ब्यूरो के नाम पर शुरू हुए संपर्क के बाद इलाज, दुर्घटना और परिवार में मौत जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर उससे रकम मांगी जाती रही। शिकायत की जांच के बाद साइबर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, नवागढ़ क्षेत्र के रेशम लाल साहू से शादी का रिश्ता तय कराने के नाम पर कुल 5 लाख 65 हजार 355 रुपये लिए गए। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर लोगों से संपर्क किया जाता था। इसके बाद व्हाट्सऐप चैट और मोबाइल कॉल के जरिए भरोसा जीतकर पैसों की मांग की जाती थी।
ऑनलाइन विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रेशम लाल साहू शादी के लिए रिश्ता तलाश रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर शादी से संबंधित एक विज्ञापन आया। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद उन्हें महासमुंद की एक युवती से रिश्ता तय कराने का भरोसा दिया गया। बताया गया कि युवती सरकारी अस्पताल में नर्स है। कुछ भुगतान के बाद रेशम लाल को युवती का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया। इसके बाद बातचीत शुरू हुई और कथित युवती ने अलग-अलग जरूरतें बताकर रकम मांगना शुरू कर दिया।
कभी इलाज तो कभी दुर्घटना के नाम पर मांगे पैसे
शिकायत के अनुसार, बातचीत के दौरान कभी मां के इलाज, कभी खुद की तबीयत खराब होने और कभी दुर्घटना का हवाला देकर पैसे मांगे गए। बाद में मां की मृत्यु होने की बात कहकर भी रकम लेने का आरोप है। रेशम लाल ने अलग-अलग किस्तों में बताए गए बैंक खातों में कुल 5,65,355 रुपये जमा कर दिए। जब उन्होंने युवती से आमने-सामने मिलने की बात कही, तो कथित तौर पर उसे टालने के लिए नए-नए बहाने बनाए जाने लगे।
सरकारी अस्पताल पहुंचने पर खुला मामला
लगातार टालमटोल से संदेह होने पर रेशम लाल महासमुंद के सरकारी अस्पताल पहुंचे। वहां पूछताछ करने पर उन्हें बताए गए नाम की कोई नर्स नहीं मिली। आसपास जानकारी जुटाने के बाद भी जब युवती का पता नहीं चला, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। मामले में साइबर थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बैंक खातों की जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान साइबर पोर्टल और बैंकिंग विवरण की मदद से संदिग्ध खातों, मोबाइल नंबरों और लेनदेन की पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार, जांच की कड़ियां राजनांदगांव तक पहुंचीं। पुलिस का आरोप है कि भूमिका रंगारी ने पद्मा नाम से रेशम लाल से बातचीत की थी और करीब ढाई लाख रुपये अपने बैंक खाते में प्राप्त किए थे। बाकी रकम अन्य आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कराए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई।
चार महिलाएं और एक पुरुष गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में भूमिका रंगारी, रोहित कुमार गुप्ता, नसीम बानो, तय्यबा बानो और शायना बानो को गिरफ्तार किया है। सभी राजनांदगांव के निवासी बताए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में भूमिका रंगारी ने बताया कि वह वर्ष 2025 में एक मैरिज ब्यूरो में काम करती थी। नौकरी छोड़ने के बाद कथित तौर पर उसने फर्जी संस्था बनाकर ऑनलाइन विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को शादी का भरोसा देना शुरू किया। अन्य आरोपियों पर कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है।
पुलिस ने यह भी बताया कि भूमिका रंगारी के खिलाफ साइबर पोर्टल पर शादी का रिश्ता कराने के नाम पर पैसे लेने से संबंधित अन्य शिकायतें भी दर्ज होने की जानकारी मिली है। इन शिकायतों की स्थिति और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में जांच जारी है।
पुलिस की अपील: शादी के लिए ऑनलाइन विज्ञापन देखकर किसी अनजान व्यक्ति या संस्था को पैसे भेजने से पहले उसकी पहचान और विश्वसनीयता की जांच करें। किसी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।