रायगढ़। सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS के जरिए गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाले राशन में कथित गड़बड़ी का बड़ा मामला रायगढ़ जिले से सामने आया है। धरमजयगढ़ विकासखंड की ससकोबा और गनपतपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकानों की जांच में करीब 31.75 लाख रुपये मूल्य के चावल, शक्कर और नमक का हिसाब नहीं मिलने की बात सामने आई है। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दोनों मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत अपराध दर्ज किया है। ससकोबा मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि दोनों मामलों में कुल चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी बताई जा रही है।

ससकोबा PDS दुकान में 12.89 लाख के राशन का अंतर
खाद्य विभाग की टीम ने 3 सितंबर को ससकोबा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009078 का निरीक्षण किया था। दस्तावेजों में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद खाद्यान्न का मिलान करने पर बड़ी मात्रा में अंतर सामने आया। भौतिक सत्यापन में करीब 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर और 8.03 क्विंटल नमक कम पाया गया। विभाग के आकलन के अनुसार इन खाद्यान्नों की कुल कीमत लगभग 12 लाख 89 हजार 375 रुपये है।

अंगूठा लगवाने के बाद भी राशन नहीं देने का आरोप
जांच के दौरान वितरण व्यवस्था को लेकर भी गंभीर जानकारी सामने आई। विभाग के मुताबिक, अगस्त महीने में कुछ हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट/बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया, लेकिन इसके बाद भी उन्हें राशन नहीं दिया गया। खाद्य विभाग ने इस स्थिति को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े नियमों का उल्लंघन मानते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की।Two accused in the custody of the women's police

ससकोबा मामले में दो महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार ससकोबा दुकान के संचालन से जुड़े सरोज स्व सहायता समूह की अध्यक्ष उमाबाई राठिया और सचिव माधुरी बाई राठिया को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में दुकान के विक्रेता बिहारी राठिया को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक वह फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।

गनपतपुर में सामने आई 18.86 लाख की कमी
दूसरी कार्रवाई गनपतपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009080 को लेकर हुई। यहां खाद्य विभाग के भौतिक सत्यापन में स्टॉक में बड़ा अंतर मिला। जांच में करीब 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक कम पाया गया। विभाग के आकलन के मुताबिक इन खाद्यान्नों की कीमत करीब 18 लाख 86 हजार 345 रुपये है।

तीन लोगों पर मामला, गिरफ्तारी बाकी
गनपतपुर की दुकान के संचालन की जिम्मेदारी जननी महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष रूबीना खान, सचिव शाहिन खान और विक्रेता शहनवाज खान से जुड़ी बताई गई है। खाद्य विभाग की रिपोर्ट और पंचनामा के आधार पर पुलिस ने मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस प्रकरण में तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस उनकी तलाश और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी
दोनों प्रकरण रैरूमाखुर्द पुलिस चौकी, थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं। पुलिस आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामलों की विवेचना कर रही है। जांच में खाद्यान्न के स्टॉक, वितरण रिकॉर्ड, ई-पॉस मशीन के डेटा और संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा सकती है। ससकोबा मामले में एक आरोपी की तलाश जारी है, जबकि गनपतपुर प्रकरण में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी है।

SSP ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
रायगढ़ के SSP शशि मोहन सिंह ने कहा है कि गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले राशन में किसी भी तरह की हेराफेरी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।