रायपुर। राजधानी में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के निर्माण और सप्लाई को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीरगांव की एक प्लाईवुड फैक्ट्री से कथित तौर पर तैयार की जा रही पनीर की बड़ी खेप को विभाग ने रास्ते में पकड़ लिया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने जोरा मॉल के पास एक पिकअप वाहन को रोककर जांच की, जिसमें करीब 650 किलो पनीर लदा हुआ मिला। यह खेप ओडिशा भेजे जाने की बात सामने आई है।

प्लाईवुड फैक्ट्री में पनीर निर्माण की सूचना
विभागीय जानकारी के मुताबिक बीरगांव क्षेत्र में पंछी डोर्स एंड प्लाईवुड फैक्ट्री संचालित है। खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि फैक्ट्री परिसर के भीतर अंशु बंसल द्वारा ‘सांवरिया सेठ मिल्क एंड प्रोडक्ट’ के नाम से पनीर तैयार किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर विभाग ने फैक्ट्री और वहां से होने वाली सप्लाई को लेकर जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर अब इस बात पर है कि फैक्ट्री में पनीर किस तरीके से तैयार किया जा रहा था, इसके लिए किन कच्चे पदार्थों का इस्तेमाल होता था और तैयार उत्पाद की सप्लाई किन स्थानों पर की जा रही थी।

ओडिशा रवाना होने से पहले पकड़ी गई खेप
बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम करीब 7 बजे पिकअप वाहन में पनीर लोड कर उसे ओडिशा की ओर रवाना किया गया था। वाहन फैक्ट्री से निकलने के बाद जैसे ही आगे बढ़ा, इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग तक पहुंची। इसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जोरा मॉल के आसपास वाहनों की जांच शुरू की।

कुछ ही देर में संदिग्ध पिकअप को रोक लिया गया। तलाशी लेने पर वाहन में बड़ी मात्रा में पनीर मिला। अधिकारियों ने चालक से खेप से संबंधित जरूरी दस्तावेज मांगे, लेकिन मौके पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

650 किलो पनीर का सैंपल जांच के लिए भेजा
कार्रवाई के दौरान विभाग ने पनीर के नमूने लिए और उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। फिलहाल सिर्फ शक या प्रारंभिक जांच के आधार पर उत्पाद को मिलावटी अथवा एनालॉग घोषित नहीं किया गया है। अब लैब रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि जब्त पनीर खाद्य मानकों के अनुरूप है या नहीं।

अधिकारियों के मुताबिक रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विभाग फैक्ट्री में पनीर निर्माण, कारोबार से जुड़े दस्तावेजों और सप्लाई नेटवर्क की भी जानकारी जुटा रहा है।

प्रतिबंधित एनालॉग पनीर पर विभाग की नजर
राजधानी में एनालॉग पनीर को लेकर खाद्य विभाग पहले भी कार्रवाई कर चुका है। ऐसे में बीरगांव की इस यूनिट से बड़ी मात्रा में पनीर की खेप मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। अब सबसे अहम सवाल यही है कि 650 किलो पनीर कहां तैयार हुआ, इसमें क्या इस्तेमाल किया गया और इसे ओडिशा में कहां सप्लाई किया जाना था। इन सवालों के जवाब जांच और लैब रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।