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नई दिल्ली। बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर का यह सप्ताह कुछ मुश्किल भरा हो सकता है। पांच-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, पेंशन से जुड़े सुधार और PLI नीति की समीक्षा समेत कई मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी संगठनों ने आज, 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले होने वाली इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बैंकों की शाखाओं में होने वाले प्रत्यक्ष कामकाज पर पड़ सकता है।
हड़ताल के बाद लगातार दो दिन बैंकिंग अवकाश भी पड़ रहा है। 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण शाखाएं सामान्य रूप से बंद रहेंगी। इसके बाद कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के चलते स्थानीय अवकाश भी रहेगा। ऐसे में अलग-अलग राज्यों में ग्राहकों को बैंक शाखा से जुड़े काम के लिए तीन से चार दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।
क्यों हड़ताल पर गए बैंक कर्मचारी?
बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। यूनियनों के मुताबिक भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ मार्च 2024 में हुए द्विपक्षीय समझौते में सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कार्य और सभी शनिवारों को छुट्टी देने का प्रस्ताव शामिल था। संघों का कहना है कि शनिवार को अवकाश के बदले कार्यदिवसों में रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव रखा गया था। यूनियनों का आरोप है कि इस प्रस्ताव पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और मामला लंबे समय से लंबित है।
श्रम आयुक्त के साथ बातचीत से नहीं निकला समाधान
हड़ताल का फैसला अचानक नहीं लिया गया है। बैंक यूनियनों और प्रबंधन/सरकारी पक्ष के बीच मांगों को लेकर बातचीत हुई थी। मुख्य श्रम आयुक्त के स्तर पर हुई बैठकों में सहमति नहीं बनने के बाद UFBU ने देशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया। यूनियनों में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े नौ प्रमुख संगठन शामिल हैं। संगठनों का कहना है कि लंबित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी बढ़ाया जाएगा।
पेंशन और PLI भी एजेंडे में
पांच-दिवसीय बैंकिंग के साथ कर्मचारी संगठनों ने NPS के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प देने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा नई Performance Linked Incentive (PLI) व्यवस्था की समीक्षा की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है। यूनियनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो सितंबर के अंत में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। UFBU की ओर से 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल और अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई है।
SBI और PNB ने ग्राहकों को किया अलर्ट
हड़ताल को देखते हुए SBI और PNB समेत कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपने ग्राहकों को संभावित असुविधा के बारे में जानकारी दी है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि जरूरी बैंकिंग काम के लिए उपलब्ध डिजिटल विकल्पों का इस्तेमाल करें। इस दौरान UPI, ATM, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी सेवाएं उपयोगी हो सकती हैं। हालांकि किसी भी तकनीकी सेवा में व्यवधान की स्थिति अलग-अलग बैंक और सेवा प्रदाता पर निर्भर करेगी।
ग्राहकों को किन कामों की पहले से करनी चाहिए तैयारी?
जिन ग्राहकों को नकदी की जरूरत है, उन्हें समय रहते ATM से निकासी कर लेना बेहतर होगा। इसी तरह जरूरी फंड ट्रांसफर, बिल भुगतान या अन्य डिजिटल लेनदेन पहले से निपटाने से शाखा बंद रहने के दौरान परेशानी कम हो सकती है। हालांकि हड़ताल का मुख्य प्रभाव बैंक शाखाओं के भौतिक कामकाज पर रहने की संभावना है। इसलिए डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर असर अपेक्षाकृत कम हो सकता है।