रायपुर/भिलाई. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली इनसाइड स्टोरी सामने आई है। सीबीआई (CBI) की तफ्तीश के बीच अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धमाकेदार एंट्री मार ली है। आधी रात को जब शहर गहरी नींद में था, तब भिलाई में एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी के दरवाजे पर ईडी की दस्तक ने सूबे के प्रशासनिक और सियासी गलियारों में भारी खलबली मचा दी है।

रात 2 बजे का वो मेगा सर्च ऑपरेशन

मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे ईडी की दो गाड़ियां भिलाई के सेक्टर-10 स्थित रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव के निवास पर आ धमकीं। इतनी रात को केंद्रीय जांच एजेंसी की इस सर्जिकल स्ट्राइक से महकमे में हड़कंप मच गया है। घर के चप्पे-चप्पे के साथ-साथ अहम दस्तावेजों और डिजिटल गैजेट्स को खंगाला जा रहा है। सिर्फ जेके ध्रुव ही नहीं, बल्कि सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और उनके करीबियों से जुड़े लगभग एक दर्जन ठिकानों पर ईडी की अलग-अलग टीमें एक साथ ताबड़तोड़ सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

सिर्फ भाई-भतीजावाद नहीं, यह है 'कॉरपोरेट' करप्शन का खेल

अब तक माना जा रहा था कि 2020 से 2022 के बीच हुए पीएससी घोटाले में रसूखदारों ने सिर्फ अपने बेटे-बेटियों और रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे मलाईदार पदों पर सेट किया था। लेकिन, ईडी की एंट्री ने इस घोटाले का एक नया और खतरनाक एंगल उजागर कर दिया है।

सूत्रों की मानें तो यह सिर्फ अपनों को पास कराने का खेल नहीं था, बल्कि पर्दे के पीछे करोड़ों की लेन-देन का एक सुव्यवस्थित सिंडिकेट चल रहा था। बड़ा खुलासा यह हुआ है कि एक निजी कंपनी के 'सीएसआर' (CSR) फंड के नाम पर 45 लाख रुपये की मोटी रकम एक एनजीओ (NGO) के खाते में ट्रांसफर की गई थी। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस एनजीओ की कमान कथित तौर पर तत्कालीन पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की पत्नी के हाथों में थी।

पेपर लीक की 'कीमत' 45 लाख?

ईडी अब उस 'मनी ट्रेल' को डिकोड कर रही है, जिसके तहत आरोप है कि 45 लाख रुपये के इस तथाकथित सीएसआर डोनेशन के एवज में ही पीएससी परीक्षा की अति-गोपनीय जानकारियां और प्रश्नपत्र लीक किए गए। यानी, भ्रष्टाचार की इस काली कमाई को सफेद करने के लिए 'समाज सेवा' और एनजीओ के चोले का बकायदा इस्तेमाल किया गया। इसी वित्तीय हेराफेरी ने ईडी को इस केस में सीधा दखल देने का ग्राउंड दे दिया है।

CBI और ED का डबल अटैक

सीबीआई पहले ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है, लेकिन अब ईडी के एक्शन ने यह साफ कर दिया है कि जांच सिर्फ कॉपियां चेक करने वालों तक सीमित नहीं रहेगी। 'डबल इंजन' की इस जांच में अब उस पूरी चेन को खंगाला जा रहा है जहां-जहां से पैसों का फ्लो हुआ है। टामन सिंह सोनवानी और जेके ध्रुव तो महज शुरुआत माने जा रहे हैं।

जिस तरह से एक दर्जन ठिकानों पर फाइलें और बैंक डिटेल्स खंगाली जा रही हैं, उससे तय है कि आने वाले दिनों में पीएससी घोटाले की आंच कई और 'सफेदपोशों' तक पहुंचेगी। छत्तीसगढ़ के होनहार युवाओं के सपनों का सौदा करने वाले सिंडिकेट में अब ईडी की जांच कई चेहरों से नकाब नोचने वाली है।