चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में एक निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। पीपलकोटी क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद सुरंग के भीतर काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 9 मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 14 मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद सुरंग को खाली कराने और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए राहत एवं बचाव दलों ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।

सुरंग के अंदर अचानक आया पानी और मलबा
बताया जा रहा है कि हादसा शाम के समय हुआ। पीपलकोटी में बन रही जलविद्युत परियोजना की टनल के भीतर काम चल रहा था। इसी दौरान सुरंग के अंदर अचानक भूगर्भीय हलचल के कारण एक कैविटी से भारी मात्रा में पानी और मलबा आने लगा। कुछ ही देर में पानी और कीचड़ ने सुरंग के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। उस वक्त अंदर मौजूद मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।

करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर हुआ हादसा
अधिकारियों के मुताबिक, हादसे वाला हिस्सा टनल के मुख्य प्रवेश द्वार से करीब 1.5 से 1.8 किलोमीटर अंदर बताया जा रहा है। घटना के वक्त करीब 22 मजदूर प्रभावित क्षेत्र में मौजूद थे। सूचना मिलते ही NDRF, SDRF, पुलिस और स्थानीय राहत टीमों को मौके पर भेजा गया। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने और पानी बाहर निकालने का काम शुरू किया गया।

पानी और दलदल ने बढ़ाई रेस्क्यू टीम की मुश्किल
सुरंग के अंदर लगातार पानी का रिसाव और कीचड़ जमा होने से बचाव अभियान आसान नहीं रहा। रेस्क्यू टीमों को आगे बढ़ने के लिए पहले रास्ता साफ करना पड़ा। पानी निकालने के लिए बड़े पंप लगाए गए हैं और भारी मशीनरी से मलबा हटाया जा रहा है। खराब परिस्थितियों के कारण कई बार बचाव कार्य की गति प्रभावित हुई।

9 मजदूरों की मौत, घायलों का अस्पताल में इलाज
रेस्क्यू के दौरान कई मजदूरों को सुरंग से बाहर निकाला गया। इनमें से 9 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 14 घायल मजदूरों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। मृतकों और घायलों के अलग-अलग राज्यों से होने की जानकारी सामने आई है।

CM धामी ने संभाली कमान, अधिकारियों को दिए निर्देश
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल सुरंग में फंसे या लापता मजदूरों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।