रायपुर : छत्तीसगढ़ कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी एस जयवर्धन को केंद्र सरकार ने अहम जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गृह मंत्रालय, नई दिल्ली में उप सचिव (डिप्टी सेक्रेटरी) नियुक्त किया गया है। भारत सरकार ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जयवर्धन की नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से चार साल के लिए या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। केंद्र के निर्देशानुसार, एस जयवर्धन को नए पद पर कार्यभार संभालने के लिए तत्काल कार्यमुक्त किया जाना है। साथ ही, उन्हें कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के नियुक्ति आदेश जारी होने की तारीख से तीन सप्ताह के भीतर नई जिम्मेदारी संभालनी होगी। निर्धारित समय में पदभार ग्रहण नहीं करने पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति योजना के तहत भविष्य में नियुक्ति से वंचित किए जाने की कार्रवाई शुरू हो सकती है।

kendra me transfer

कंप्यूटर साइंस में बीटेक-एमटेक, फिर यूपीएससी में हासिल की सफलता

एस जयवर्धन ने आंध्र यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक और हैदराबाद यूनिवर्सिटी से इसी विषय में एमटेक किया। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने निजी क्षेत्र में भी काम किया। वे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में लंबे समय तक असिस्टेंट कंसल्टेंट रहे। इसके बाद उन्होंने इरिशन ग्लोबल इंडिया लिमिटेड में सॉल्यूशन आर्किटेक्ट के रूप में भी सेवाएं दीं। पहले प्रयास में जयवर्धन का चयन भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) के लिए हुआ था। उन्होंने प्रोबेशनर के तौर पर करीब नौ महीने तक प्रशिक्षण लिया। इसके बाद अगले प्रयास में उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जगह बनाई। उन्होंने 1 सितंबर 2014 को आईएएस सेवा ज्वाइन की।

जिला पंचायत सीईओ से कलेक्टर तक संभाली जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ में एस जयवर्धन ने अलग-अलग पदों पर काम किया। वे बलौदाबाजार-भाटापारा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रहे। इसके बाद कोरबा जिला पंचायत सीईओ और कोरबा नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी संभाली। वे रायगढ़ नगर निगम आयुक्त के पद पर भी कार्यरत रहे। बाद में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कलेक्टर के रूप में पदस्थ रहे।

अब केंद्र में निभाएंगे प्रशासनिक भूमिका

राज्य में जिला और नगरीय प्रशासन से जुड़े विभिन्न पदों पर काम करने के बाद एस जयवर्धन की नई नियुक्ति को उनके प्रशासनिक करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है। गृह मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में उनकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार के स्तर पर होगी। हालांकि, उनके नए कार्यभार ग्रहण करने की तारीख और राज्य में उनके स्थान पर होने वाली नई पदस्थापना को लेकर अलग आदेश जारी होना बचा है।