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रायपुर। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की सुगबुगाहटों के बीच एक कथित ऑडियो बम ने प्रदेश की राजनीति का सियासी पारा अचानक चढ़ा दिया है। यह वायरल ऑडियो भरतपुर-सोनहत से कद्दावर भाजपा विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह का बताया जा रहा है। दिलचस्प और चौंकाने वाली बात यह है कि इस कथित क्लिप में विधायक अपनी ही सरकार की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा करतीं और पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की 'वापसी' की भविष्यवाणी करती सुनाई दे रही हैं। हालांकि, रेणुका सिंह ने इसे सिरे से खारिज करते हुए 'एआई (AI) जनरेटेड' साजिश करार दिया है।
ऑडियो नंबर 1: अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से तैर रहे इस पहले ऑडियो ने सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। कथित तौर पर इस क्लिप में कहा जा रहा है कि वर्तमान सरकार "ऊपर से संचालित" है। इसमें यह दावा किया गया है कि आलाकमान मौजूदा नेतृत्व से बहुत खुश नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री बनाकर किसी को तत्काल हटाया भी नहीं जा सकता। सबसे ज्यादा विवादित हिस्सा वह है, जहां कथित आवाज यह दावा करती है कि राज्य में एक बार फिर भूपेश बघेल की सत्ता में वापसी होगी और वे ही कांग्रेस के सीएम बनकर वर्तमान नेताओं को जेल की हवा खिलाएंगे।
24 घंटे में पार्ट-2 का धमाका और अपनों से ही जंग
अभी पहले ऑडियो की राजनीतिक गूंज शांत भी नहीं हुई थी कि रविवार को इस ड्रामे का सनसनीखेज 'पार्ट-2' भी वायरल हो गया। इसे रेणुका सिंह के कभी बेहद करीबी रहे भाजयुमो के जिला महामंत्री और पूर्व विधायक प्रतिनिधि मनोज साहू ने सार्वजनिक किया है। इस क्लिप में विधायक का गुस्सा संगठन के ही एक रसूखदार युवा नेता पर सातवें आसमान पर नजर आ रहा है।
कथित ऑडियो में वे चेतावनी दे रही हैं कि अगर वह नेता चुनाव लड़ेगा, तो उसे हराने के लिए वे अपनी जीवन भर की जमा पूंजी के '5 करोड़ रुपए' निकालेंगी और सोनहत ब्लॉक में कार्यकर्ताओं और जनता के ऊपर खर्च कर देंगी। यह ऑडियो सीधे तौर पर सत्ताधारी पार्टी के भीतर चल रही भयानक गुटबाजी और भितरघात की ओर साफ इशारा कर रहा है।
शिकायतों का दौर: पहले ही खुल चुका था मोर्चा
इस पूरे सियासी ड्रामे की पटकथा अचानक नहीं लिखी गई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले ही मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के भाजपा जिला महामंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर रेणुका सिंह की लिखित शिकायत की थी। आरोप था कि विधायक चुनाव जीतने के बाद से अपने क्षेत्र से लगातार नदारद रहती हैं और जनता के बीच उपलब्ध नहीं हैं। संगठन के भीतर मचे इस घमासान के ठीक बाद ऑडियो का बाहर आना, इस पूरी टाइमिंग पर कई सियासी सवाल खड़े कर रहा है।
रेणुका सिंह का पलटवार: 'यह AI का दुरुपयोग और घिनौनी साजिश
डैमेज कंट्रोल और अपनी छवि बेदाग साबित करने के लिए रेणुका सिंह ने तुरंत आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने इसे राजनीतिक विरोधियों की घिनौनी साजिश बताते हुए स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एआई तकनीक द्वारा बनाया गया फर्जी ऑडियो है। विधायक ने पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराकर मामले की उच्च स्तरीय फोरेंसिक जांच और सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त एफआईआर की मांग की है।