रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर गर्मी बढ़ने वाली है। विधानसभा के मानसून सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है और इसके साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच होने वाली सियासी टक्कर की उलटी गिनती भी शुरू हो गई है। 13 जुलाई से शुरू होने वाला मानसून सत्र 17 जुलाई तक चलेगा, जिसमें कुल पांच बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस दौरान वित्तीय कार्यों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण शासकीय विषयों पर चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे।

मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं का ब्यौरा पेश करने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों, कानून-व्यवस्था, किसानों, युवाओं और विकास कार्यों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में सदन के भीतर तीखी बहस, सवाल-जवाब और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं।assemblyassembly-01

सिर्फ पांच दिनों का यह सत्र भले ही छोटा हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बड़े माने जा रहे हैं। आगामी महीनों की राजनीतिक दिशा तय करने वाले कई मुद्दे सदन में गूंज सकते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मानसून सत्र में कौन से बड़े फैसले, घोषणाएं और राजनीतिक टकराव देखने को मिलते हैं।