
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की निगरानी कर रहे बिलासपुर हाई कोर्ट ने जून 2026 तक की स्टेटस रिपोर्ट जारी कर दी है । इस रिपोर्ट में प्रदेश के कई चर्चित मामलों की सुनवाई की वर्तमान स्थिति और अगली तिथियों का उल्लेख किया गया है ।
सबसे अधिक चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री एवं पाटन विधायक भूपेश बघेल से जुड़े बहुचर्चित सीडी कांड की रही, जिसमें सुनवाई के लिए मंगलवार, 28 जुलाई 2026 की तिथि निर्धारित की गई है ।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 में दर्ज विशेष आपराधिक प्रकरण (सीबीआई बनाम कैलाश मुरारका एवं अन्य) रायपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में लंबित है । इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ कैलाश मुरारका, विजय पांड्या, विनोद वर्मा और विजय भाटिया भी आरोपी हैं ।
सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 469 (प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (कूटरचित दस्तावेज का उपयोग) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धारा 67ए के तहत मामला दर्ज किया है । अब इस प्रकरण में 28 जुलाई को न्यायालय में सुनवाई प्रस्तावित है।
अन्य जनप्रतिनिधियों के मामलों की भी जानकारी
बिलासपुर हाई कोर्ट की स्टेटस रिपोर्ट में रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में लंबित सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की भी स्थिति प्रस्तुत की गई है ।
1. देवेंद्र यादव (विधायक): प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से संबंधित मामले में 17 जुलाई 2026 को सुनवाई निर्धारित थी। वहीं अन्य आपराधिक प्रकरणों में अलग-अलग तिथियां न्यायालय द्वारा तय की गई हैं ।
2. कवासी लखमा (विधायक): ईडी के मामले में 25 जुलाई 2026 की तिथि निर्धारित की गई थी, जबकि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के मामले में 1 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेशी हो चुकी है ।
3. अटल श्रीवास्तव (विधायक): भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्रकरण में 4 अगस्त 2026 को साक्ष्य दर्ज किए जाने की तिथि नियत की गई है ।
लंबित मामलों की निगरानी जारी
हाई कोर्ट द्वारा जारी यह स्टेटस रिपोर्ट जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की प्रक्रिया की निगरानी का हिस्सा है । रिपोर्ट में प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति, अगली सुनवाई की तिथि और न्यायिक प्रगति का विवरण शामिल किया गया है, ताकि ऐसे मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके ।