
रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने वाहन चोरी के एक कथित संगठित नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए लोगों में गिरोह का मुख्य आरोपी साहिल राय और महासमुंद का एक बर्खास्त पुलिसकर्मी दिनेश कुमार टंडन भी शामिल है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने चोरी की गई इनोवा क्रिस्टा बरामद की है। जांच में बुलेट, KTM, एक्टिवा, स्प्लेंडर समेत दो ट्रैक्टरों की चोरी से जुड़ी जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस अब बरामदगी का दायरा बढ़ाने के साथ इस बात की पड़ताल कर रही है कि चोरी के वाहनों को किन लोगों के जरिए खरीदारों तक पहुंचाया जाता था। गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
एक्टिवा ठीक कराने आया, इनोवा की चाबी पर पड़ी नजर
मामले की शुरुआत विधानसभा थाना क्षेत्र के दोड़ेखुर्द स्थित रूद्रांश मोटर गैरेज से चोरी हुई इनोवा क्रिस्टा की जांच से हुई। गैरेज के बाहर खड़ी सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा क्रमांक CG 04 NL 2725 चोरी होने की शिकायत पुलिस के पास पहुंची थी। पुलिस के अनुसार, साहिल राय एक्टिवा में काम कराने के बहाने गैरेज पहुंचा था। इसी दौरान उसकी नजर इनोवा की चाबी पर पड़ी और कथित तौर पर उसने चाबी अपने पास रख ली। इसके बाद 5 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे वह दोबारा गैरेज पहुंचा और उसी चाबी से कार खोलकर लेकर चला गया।
रास्ते में खराब हुआ टायर, मंदिर के पास छोड़कर चला गया
पुलिस के मुताबिक, चोरी की गई इनोवा को लेकर साहिल राय समोदा की तरफ गया था। वहां वाहन का टायर खराब हो गया। इसके बाद उसने कार को मेला स्थल के पास मंदिर के आसपास खड़ा किया और उसी वाहन में रात बिताई। सुबह उठने के बाद आरोपी कार को लॉक कर वहां से निकल गया। दूसरी ओर वाहन चोरी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की।
CCTV से शुरू हुई जांच, पूछताछ में खुला पूरा नेटवर्क
CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस की जांच साहिल राय तक पहुंची। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर पुलिस के मुताबिक उसने इनोवा चोरी करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर चोरी की इनोवा क्रिस्टा और उसकी चाबी बरामद की गई। इसके बाद पुलिस ने जब पुराने वाहन चोरी के मामलों को लेकर पूछताछ की तो कई अन्य घटनाओं के बारे में जानकारी सामने आने का दावा किया गया।
मेकाहारा से बुलेट और KTM चोरी का दावा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में साहिल ने करीब एक साल पहले मेकाहारा चिरघर के पास से बुलेट चोरी करने की बात बताई। कुछ समय बाद उसी इलाके से KTM बाइक चोरी करने की जानकारी भी सामने आई। पुलिस का दावा है कि चोरी की बुलेट को संजीव दत्ता के माध्यम से अमरजीत उर्फ बंटी को करीब 20 हजार रुपये में बेचा गया था। घड़ी चौक की पार्किंग से चोरी की गई एक अन्य बुलेट को भी इसी नेटवर्क के जरिए बेचने की बात सामने आई है।
आमासिवनी और मरीन ड्राइव भी निशाने पर
जांच में आमासिवनी मेन रोड से बुलेट चोरी करने की जानकारी भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, इस वाहन को ओडिशा में रहने वाले परिचित पितबास को बेचने की बात पूछताछ में सामने आई है। इसके अलावा करीब दो से तीन महीने पहले तेलीबांधा मरीन ड्राइव से एक्टिवा चोरी करने की जानकारी भी पुलिस को मिली। बताया गया कि चोरी की एक्टिवा परिचित संजीव दत्ता को इस्तेमाल के लिए दी गई थी।
शराब दुकान से स्प्लेंडर चोरी में भाई का नाम
पुलिस के अनुसार, करीब पांच से छह महीने पहले आमासिवनी स्थित शराब दुकान के पास से स्प्लेंडर बाइक चोरी की गई थी। इस मामले में साहिल के भाई अभिषेक राय के शामिल होने की जानकारी पूछताछ में सामने आई है। पुलिस संबंधित मामले और इस दावे का सत्यापन कर रही है।
दो ट्रैक्टर चोरी, बर्खास्त पुलिसकर्मी तक पहुंची जांच
पुलिस का कहना है कि गिरोह ने सिर्फ दोपहिया वाहनों को ही निशाना नहीं बनाया। करीब तीन महीने पहले धनसुली के एक बाड़े से लाल रंग का ट्रैक्टर चोरी किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, इस वाहन को संजीव दत्ता के साथ मिलकर अमरजीत उर्फ बंटी को देने की बात कही गई है। इसके बाद करीब डेढ़ महीने पहले धनसुली स्थित एक ईंट-भट्ठे से दूसरा ट्रैक्टर चोरी किए जाने का दावा है। चोरी के बाद ट्रैक्टर को जोरा बाजार के पास खड़ा किया गया और बाद में कथित तौर पर संजीव दत्ता के जरिए दिनेश कुमार टंडन तक पहुंचाया गया। दिनेश टंडन महासमुंद का बर्खास्त पुलिसकर्मी बताया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में उसकी भूमिका कितनी थी।
जेल में हुई पहचान, फिर संपर्क में आए आरोपी
पुलिस पूछताछ के मुताबिक, अमरजीत सिंह ने वर्ष 2005 में आमानाका थाना क्षेत्र से जुड़े हत्या के मामले में जेल जाने और करीब 14 साल सजा काटने की बात कही है। इसी दौरान उसकी पहचान संजीव दत्ता से होने की जानकारी उसने पुलिस को दी। इसी तरह दिनेश कुमार टंडन ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2016 में पुलिस विभाग में रहते हुए गांजा प्रकरण में जेल गया था और वहां उसकी पहचान संजीव दत्ता से हुई। पुलिस इन बयानों का दस्तावेजी रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन कर रही है।
चार आरोपी गिरफ्तार, आगे की जांच जारी
पुलिस ने मामले में साहिल राय, संजीव दत्ता, अमरजीत सिंह और दिनेश कुमार टंडन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी के अन्य वाहनों और उनसे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। अभी सभी चोरी के वाहनों की बरामदगी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर गिरोह के नेटवर्क और इससे जुड़ी अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में और जानकारी सामने आ सकती है। कार्रवाई रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता सिन्हा श्रीवास्तव के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चंचल तिवारी और एसडीओपी वीरेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई।