बिलासपुर : पाटन विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा सांसद विजय बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच चल रही कानूनी लड़ाई में मंगलवार को एक मोड़ आ गया। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भूपेश बघेल की ओर से अतिरिक्त मुद्दे तय करने के लिए दायर आवेदन खारिज कर दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने 13 अक्टूबर को फैसला सुनाने के लिए आदेश सुरक्षित रखा था। मंगलवार को अदालत ने आवेदन पर अपना निर्णय सुना दिया। इसके बाद अब चुनाव याचिका में आगे की सुनवाई और साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया पर निगाहें टिकी हैं।

45 दिन की समय-सीमा पर अटका है पूरा विवाद

भूपेश बघेल ने याचिका में कहा था कि विजय बघेल की चुनाव याचिका निर्धारित 45 दिनों की वैधानिक समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत नहीं की गई। पाटन विधानसभा चुनाव का परिणाम 3 दिसंबर 2023 को घोषित हुआ था। भूपेश बघेल पक्ष के मुताबिक, याचिका से संबंधित सत्यापन और शपथपत्र पर 22 जनवरी 2024 की तारीख दर्ज थी, जबकि याचिका का पंजीयन 24 जनवरी को हुआ। इसी आधार पर उन्होंने चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने की मांग की थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस मांग को पहले ही स्वीकार नहीं किया था। अदालत ने कहा था कि केवल पंजीयन की तारीख के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि याचिका समय-सीमा से बाहर थी। इसके लिए यह देखना जरूरी है कि याचिका वास्तव में कब प्रस्तुत की गई, उस समय उसमें क्या कमियां थी और बाद में कमियां दूर किए जाने का कानूनी प्रभाव क्या है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिर दाखिल किया आवेदन

भूपेश बघेल ने समय-सीमा को लेकर अपनी आपत्ति पर राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने 7 अगस्त 2026 को उनकी विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) खारिज करते हुए उन्हें उचित चरण पर चुनाव अधिकरण के समक्ष अपने तर्क और आपत्तियां रखने की स्वतंत्रता दी थी। इसके बाद 28 सितंबर 2026 के आदेश का हवाला देते हुए भूपेश बघेल की ओर से 3 अक्टूबर को हाई कोर्ट में अतिरिक्त मुद्दे तय करने का आवेदन दाखिल किया गया। इसमें दीवानी प्रक्रिया संहिता के आदेश 14 के प्रावधानों और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 87 के तहत अतिरिक्त मुद्दे निर्धारित करने की मांग की गई थी। 5 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान इस आवेदन पर दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं। विजय बघेल की ओर से अदालत को बताया गया कि आवेदन का जवाब पहले ही दाखिल किया जा चुका है। बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को अदालत ने आवेदन खारिज कर दिया।

गवाही और साक्ष्यों पर आगे बढ़ सकता हैं मामला

विजय बघेल ने 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए भूपेश बघेल के खिलाफ हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। मामले में सुनवाई के दौरान चुनाव याचिका से जुड़े मुद्दे पहले ही तय किए जा चुके हैं। विजय बघेल के अलावा सौरभ चौबे, मनोज कुमार वर्मा और भगवत सिन्हा के मुख्य परीक्षण के शपथपत्र 20 अक्टूबर 2024 को दाखिल किए जा चुके हैं। 5 अक्टूबर को विजय बघेल साक्ष्य दर्ज कराने के सिलसिले में अदालत पहुंचे थे। इसी दौरान भूपेश बघेल की ओर से नए आवेदन का उल्लेख किया गया, जिसके चलते उस दिन आवेदन पर निर्णय का इंतजार रहा। अब अतिरिक्त मुद्दे तय करने का आवेदन खारिज होने के बाद चुनाव याचिकाकर्ता के साक्ष्य दर्ज करने की कार्यवाही आगे बढ़ने की संभावना है।