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बिलासपुर : बिल्हा विकासखंड के बंधवापारा स्थित एक स्कूल में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन तक पहुंची, लेकिन शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने उसे गंभीरता से लेना जरूरी नहीं समझा। तीन दिन के भीतर पूरी की जाने वाली जांच 13 दिन बाद भी अधूरी रही। मामला सामने आने के बाद बिल्हा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भूपेंद्र कौशिक ने लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
बच्चों की प्यास में अफसरों की सुस्ती बरकरार
30 सितंबर को बंधवापारा के एक स्कूल में बच्चों के पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने पर एक जागरूक नागरिक ने सीएम हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी। ऐसे मामलों में शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार तीन दिन के भीतर निराकरण किया जाना था। शिकायत की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी विकासखंड शहरी स्रोत समन्वयक (यूआरसीसी) वासुदेव पाण्डेय और संकुल समन्वयक (सीएसी) शस्मिता शर्मा को सौंपी गई थी। दोनों अधिकारियों को 13 अक्टूबर तक जांच पूरी कर रिपोर्ट देनी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी न जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और न ही कोई जवाब दिया गया।
बीईओ ने थमाया नोटिस, जवाब के बाद होगी कार्रवाई
मामले में अधिकारियों की इस कार्यशैली पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने यूआरसीसी वासुदेव पाण्डेय और सीएसी शस्मिता शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर देरी का कारण स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। बीईओ ने चेताया है कि दोनों अधिकारियों के जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।