
रायपुर। फर्जी खबरें छापकर लोगों को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए होटल कारोबारी दीपक टंडन के से जब्त किए गए दो मोबाइल अब बड़े राज उगल रहे है।
बिलासपुर पुलिस की जांच में दोनों मोबाइल से कुछ ऐसे ऑडियो वीडियो क्लिप मिले है। जो छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक हलकों में भूचाल ला सकते है।
प्रारंभिक जांच में इन फोन से कई आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप के साथ एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी तथा कुछ पत्रकारों से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
दीपक टंडन को 6 नवंबर को रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ बिलासपुर के सिरगिट्टी थाने में मनी शंकर पांडेय की शिकायत पर मामला दर्ज है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी तस्वीरों को AI से एडिट कर आपत्तिजनक और भ्रामक खबरें न्यूज पोर्टल तथा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गईं।
मोबाइल में क्या-क्या मिला?....
पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दी है। प्रारंभिक स्क्रीनिंग में पोर्टल से जुड़े आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप के अलावा एक प्रशासनिक अधिकारी तथा कुछ पत्रकारों से संबंधित सामग्री भी मिली है। पुलिस इन साक्ष्यों की विस्तार से जांच कर रही है कि दीपक टंडन किन-किन लोगों की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर फर्जी खबरें बनाता था और उनसे पैसे वसूलने की कोशिश करता था।
जांच अधिकारी बताते हैं कि मोबाइल में संग्रहित डिजिटल सामग्री से ब्लैकमेलिंग के आरोपों की पुष्टि हो सकती है। साथ ही अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी
दीपक टंडन के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के आरोपों की जांच के साथ ही अन्य लोगों की भूमिका भी जांच रही है। दोनों मोबाइल से मिले सबूतों, खासकर प्रशासनिक अधिकारी और पत्रकारों से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
गौरतलब है कि दीपक टंडन पहले DSP कल्पना वर्मा से जुड़े विवाद में भी चर्चा में आ चुके हैं। उन्होंने DSP पर लव ट्रैप में फंसाकर करोड़ों रुपये ऐंठने का आरोप लगाया था, जबकि DSP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि टंडन ने फर्जी चैट्स तैयार किए हैं। अभी जांच जारी है और पुलिस दोनों मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों को अहम मान रही है।