Dengue and Heart Health: मानसून के मौसम में डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलती है। आमतौर पर लोग डेंगू को केवल प्लेटलेट्स कम होने वाली बीमारी मानते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गंभीर मामलों में इसका असर हृदय (Heart) पर भी पड़ सकता है। इस विषय पर डॉ. ने बताया कि डेंगू का वायरस सीधे दिल पर हमला नहीं करता, लेकिन गंभीर संक्रमण के दौरान शरीर में होने वाली सूजन और अन्य जटिलताएं हृदय की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।

डेंगू का दिल पर कैसे पड़ता है असर?
विशेषज्ञ के अनुसार, गंभीर डेंगू में शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ने से हृदय की मांसपेशियां प्रभावित हो सकती हैं। कुछ मरीजों में इसके कारण निम्न समस्याएं विकसित हो सकती हैं

  • मायोकार्डाइटिस (Myocarditis) यानी हृदय की मांसपेशियों में सूजन
  • अनियमित धड़कन (Arrhythmia)
  • लो ब्लड प्रेशर
  • गंभीर मामलों में हार्ट फेलियर

हालांकि, ये जटिलताएं हर मरीज में नहीं होतीं और अपेक्षाकृत कम मामलों में देखी जाती हैं।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
यदि डेंगू के दौरान या उसके बाद निम्न लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

  • सीने में दर्द या भारीपन
  • सांस लेने में तकलीफ
  • दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना
  • लगातार चक्कर आना या बेहोशी
  • अत्यधिक कमजोरी
  • हाथ-पैर ठंडे पड़ना
  • ब्लड प्रेशर का बहुत कम हो जाना

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मरीजों को तत्काल अस्पताल में जांच और निगरानी की आवश्यकता हो सकती है।

कब बढ़ जाता है हार्ट फेलियर का खतरा?
डॉ. के मुताबिक, यदि डेंगू का समय पर इलाज न मिले और मरीज डेंगू शॉक सिंड्रोम (Dengue Shock Syndrome) की स्थिति में पहुंच जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याएं हैं, तो डेंगू के दौरान हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। मायोकार्डाइटिस जैसे मामलों में हार्ट फेलियर का जोखिम भी बढ़ सकता है।

किन लोगों में ज्यादा रहता है खतरा?
निम्न लोगों को डेंगू के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

  • बुजुर्ग
  • पहले से हृदय रोग से पीड़ित मरीज
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
  • डायबिटीज के मरीज
  • गंभीर डेंगू (Severe Dengue) से संक्रमित मरीज

डेंगू में क्या करें?

  • पर्याप्त आराम करें।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें।
  • प्लेटलेट्स और अन्य जरूरी जांच समय-समय पर कराएं।
  • किसी भी गंभीर लक्षण पर स्वयं इलाज करने के बजाय तुरंत अस्पताल जाएं।

एक्सपर्ट की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू के अधिकांश मरीज सही समय पर इलाज से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। लेकिन यदि प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहे हों या हृदय संबंधी लक्षण दिखाई दें, तो इसे हल्के में न लें। समय पर जांच और उपचार गंभीर जटिलताओं से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आपको डेंगू के दौरान या बाद में गंभीर लक्षण महसूस हों, तो तुरंत योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।