धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं। पहले मामले में शादी के कुछ ही महीनों बाद पत्नी की हत्या करने के दोषी पति को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे मामले में निर्माणाधीन मकान के पास से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से मजदूर की मौत के मामले में दो मकान मालिकों को दोषी ठहराया गया है। विद्युत हादसे से जुड़े मामले में अदालत ने दोनों दोषियों को तीन-तीन महीने के साधारण कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी है।

शादी के तीन महीने बाद पत्नी की हत्या
पहला मामला नगरी थाना क्षेत्र के कोटपारा वार्ड क्रमांक 15 का है। मामले की सुनवाई प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहन सिंह कोर्राम की अदालत में हुई। अदालत ने धनेश्वर पटेल (26) को अपनी पत्नी मिनाक्षी पटेल की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पत्नी के चरित्र पर संदेह का था आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, घटना 10 जून को सुबह करीब 11 बजे हुई थी। आरोप के अनुसार, धनेश्वर पटेल ने घर के कमरे में अपनी पत्नी पर धारदार कृषि उपकरण से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया गया कि घटना के समय आरोपी के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे। अभियोजन के अनुसार, धनेश्वर को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। दोनों की शादी घटना से लगभग तीन महीने पहले ही हुई थी। मामले में अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

दूसरा मामला: निर्माणाधीन मकान के पास बिजली लाइन बनी हादसे की वजह
दूसरा मामला छाती क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान से जुड़ा है। यह स्थान 33/11 केवी सब-स्टेशन से लगभग 200 मीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित बताया गया है। अभियोजन के अनुसार, अमी राम साहू और श्रद्धानंद साहू के मकान के पीछे तीन मंजिला मकान एवं दुकान का निर्माण कराया जा रहा था। निर्माण कार्य का ठेका जागेश्वर साहू को दिया गया था और वर्ष 2017 से निर्माण गतिविधियां चल रही थीं।

11 केवी लाइन की चपेट में आए दो मजदूर
24 अगस्त 2020 को सुबह करीब 10 बजे निर्माणाधीन भवन की पहली मंजिल पर काम चल रहा था। इसी दौरान मजदूर हर्ष साहू और होमेश कुमार साहू ईंट पहुंचाने का काम कर रहे थे। अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, निर्माणाधीन मकान से करीब दो फीट की दूरी से 11 केवी की ऊर्जीकृत विद्युत लाइन गुजर रही थी। काम के दौरान दोनों मजदूर विद्युत लाइन के संपर्क में आ गए और करंट की चपेट में आने के बाद नीचे गिर पड़े।हादसे में हर्ष साहू करीब 22 फीट नीचे जमीन पर जा गिरा, जबकि होमेश कुमार साहू निर्माणाधीन परिसर के पीछे बने बाथरूम की छत पर गिरा।

अस्पताल पहुंचने से पहले एक मजदूर की मौत
हादसे के बाद मौके पर मौजूद राजमिस्त्री और अन्य श्रमिकों ने दोनों को संभाला और अंदर ले गए। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से दोनों को धमतरी जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद हर्ष साहू को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल होमेश कुमार साहू का उपचार किया गया।

विद्युत अधिनियम के तहत दोनों मकान मालिक दोषी
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश, विद्युत अधिनियम रामकुमार तिवारी की अदालत में हुई। न्यायालय ने अमी राम साहू और श्रद्धानंद साहू को विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 146 के तहत दोषी माना। दोनों को तीन-तीन महीने के साधारण कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों को 21-21 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इन दोनों फैसलों में अदालत द्वारा दोषसिद्धि और सजा सुनाए जाने के बाद संबंधित मामलों की न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है।