धमतरी। शहर से लगे ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी के लिए अहम सोरिद-बागतराई मार्ग इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सड़क पर उभरे गहरे गड्ढे और बारिश के बाद उनमें जमा पानी आवाजाही को जोखिम भरा बना रहे हैं। रोजाना इसी रास्ते से गुजरने वाले ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को संभलकर सफर करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है।

बरपारा से बागतराई तक सफर में जगह-जगह बाधा
नगर निगम धमतरी के सोरिद वार्ड से होकर गुजरने वाले इस मार्ग पर बरपारा चौक से बागतराई बाईपास तक सड़क की हालत खराब है। बरपारा से लिमाही तालाब और कचरा गोदाम के आसपास का हिस्सा विशेष रूप से जर्जर हो चुका है। सड़क पर बने गड्ढों के चलते वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है या उनसे बचने के लिए रास्ता बदलना पड़ता है। ऐसे में आमने-सामने से आने वाले वाहनों के बीच टक्कर का खतरा भी बना रहता है।

शिकायतें उठीं, लेकिन मरम्मत का इंतजार बरकरार
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सड़क सुधारने की मांग कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी जा चुकी है। सुशासन तिहार अभियान के दौरान भी सोरिद-जोधापुर क्षेत्र के वार्डवासियों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बावजूद मार्ग की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। रमेश साहू, हेमंत यादव, राकेश ध्रुव, शिवकुमार, नम्मूराम साहू और देवेश कुमार ने बताया कि सोरिद और बागतराई के बीच करोड़ों रुपये की लागत से बाईपास सड़क बनाई जा चुकी है, लेकिन पुराने और लंबे समय से खराब पड़े मार्ग की मरम्मत अब भी नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। हालात से परेशान होकर स्थानीय लोग खुद ही गड्ढों में मलबा डालकर सड़क को अस्थायी रूप से चलने लायक बनाने की कोशिश करते हैं।Sorid-Bagatrai road in poor condition

ग्रामीणों और विद्यार्थियों की रोजाना इसी रास्ते से आवाजाही
बागतराई गांव के लोगों के लिए सोरिद वार्ड से होकर गुजरने वाला यह मार्ग धमतरी शहर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। कामकाज के सिलसिले में शहर आने वाले ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली विद्यार्थी भी प्रतिदिन इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि सड़क की खराब स्थिति के चलते पहले भी विद्यार्थी और वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। ऐसे में सड़क की बदहाली केवल आवागमन की परेशानी नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गई है।

हादसे के बाद नहीं, उससे पहले हो सड़क का सुधार
लगातार बनी हुई परेशानी के बीच नागरिकों ने प्रशासन से सड़क का निरीक्षण कराकर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि गड्ढों में मलबा डालकर अस्थायी मरम्मत करने के बजाय सड़क का गुणवत्तापूर्ण जीर्णोद्धार कराया जाना चाहिए, ताकि बारिश के दौरान भी आवागमन सुरक्षित बना रहे। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क सुधारने की दिशा में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़ी दुर्घटना से पहले इस मार्ग की सुध लेगा?