बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले की बम्लेश्वरी गैस एजेंसी में सामने आई अनियमितताओं ने उपभोक्ता हितों और निगरानी व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार शिकायतों के बाद जब प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त जांच टीम ने एजेंसी का निरीक्षण किया, तब रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच चौंकाने वाली अनियमितता सामने आईं है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी के संचालन में गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि अंतिम नतीजा विस्तृत जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होंगे।

रिकॉर्ड कुछ और, हकीकत कुछ और!
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर है। रिपोर्ट के अनुसार, 346 भरे हुए गैस सिलेंडर रिकॉर्ड के मुकाबले कम पाए गए, जबकि 296 खाली सिलेंडर निर्धारित संख्या से अधिक मिले है। इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों की गड़बड़ी सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर यह अंतर कैसे पैदा हुआ और इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या निगरानी तंत्र समय रहते इन अनियमितता को पकड़ने में विफल रहा?Gas_agency_s_negligence_exposed_1781670841

उपभोक्ताओं की शिकायतों ने खोली एजेंसी की कार्यप्रणाली की परतें
जांच केवल स्टॉक तक सीमित नहीं रही। उपभोक्ताओं द्वारा लंबे समय से किए जा रहे दुर्व्यवहार और अव्यवस्थित सेवा संबंधी आरोपों की भी पड़ताल की गई है। जांच टीम को कई शिकायतें प्रथम दृष्टया सही मिलीं, जिसके बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर और अधिक सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायतों के बावजूद लंबे समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद बढ़ी संचालक की मुश्किलें
अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद एजेंसी संचालक के खिलाफ एलपीजी (प्रदाय एवं वितरण) विनियमन, 2000 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। साथ ही पूरी जांच रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) को भेज दी गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या उपभोक्ताओं को हुई कथित परेशानियों के लिए जवाबदेही तय की जाती है।