बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम अंगारी में सरपंच पति के ठिकाने पर छापेमारी की। वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में सागौन और खम्हार की लकड़ी, उनसे बने फर्नीचर तथा एक मेटाडोर वाहन जब्त किया है। जब्त की गई सभी सामग्री को सुरक्षित रूप से वन विभाग के कब्जे में लेकर डिवीजन कार्यालय स्थित रेस्ट हाउस परिसर में रखा गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

संयुक्त टीम की दबिश, परिसर से मिला लकड़ी का बड़ा जखीरा
मंगलवार को वन विभाग की टीम ने ग्राम अंगारी निवासी अश्विनी डड़सेना के परिसर में छापा मारा। जांच के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में सागौन और खम्हार की लकड़ी से तैयार फर्नीचर, टीवी यूनिट का फ्रेम, चिरान की गई लकड़ी के पल्ले तथा ताजा कटी हुई लकड़ी बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान लकड़ी के परिवहन में उपयोग किए जाने की आशंका वाले एक मेटाडोर वाहन को भी जब्त किया गया।

माप-तौल के बाद तय होगी कीमत, कानूनी कार्रवाई की तैयारी 
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल जब्त लकड़ी की गिनती, माप और तकनीकी सत्यापन का कार्य जारी है। पूरी प्रक्रिया के बाद लकड़ी की वास्तविक मात्रा, उसकी अनुमानित बाजार कीमत और उससे जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद भारतीय वन अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी विवादों में आ चुका है नाम
अधिकारियों के अनुसार जिस परिसर में छापेमारी की गई, वह ग्राम की वर्तमान सरपंच के पति अश्विनी डड़सेना से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक अश्विनी डड़सेना का नाम पहले भी विभिन्न विवादित मामलों में सामने आ चुका है। उन पर पूर्व में धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। साथ ही एक राजनीतिक दल के नेता की कार में आगजनी से जुड़े प्रकरण में भी उनका नाम सामने आया था। इन मामलों की अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाएं पूर्व से चलती रही हैं।

अवैध लकड़ी कारोबार पर वन विभाग का शिकंजा
वन विभाग का कहना है कि जिले में अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जंगलों की अवैध कटाई और वन संपदा की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अब पूरे मामले में अंतिम जांच रिपोर्ट और जब्त सामग्री के सत्यापन के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।