
बिलासपुर : कांग्रेस संगठन में बिलासपुर के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद शुक्ला को एक बार फिर प्रदेश से बाहर संगठनात्मक जिम्मेदारी मिली है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने उन्हें असम में होने वाले लोकसभा उपचुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जारी नियुक्ति पत्र में शुक्ला सहित अन्य नेताओं को असम प्रदेश कांग्रेस के साथ समन्वय और चुनाव से जुड़े संगठनात्मक कार्यो की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पंजाब के बाद अब असम की मिली जिम्मेदारी
अरविंद शुक्ला को इससे पहले पंजाब में भी संगठनात्मक जिम्मेदारी दी जा चुकी है। वहां बूथ समन्वय से जुड़े काम में भूमिका निभाई थी। अब असम लोकसभा उपचुनाव में पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद उनकी संगठनात्मक सक्रियता एक बार फिर बिलासपुर से बाहर दिखाई दे रही है।
ब्लॉक अध्यक्ष रहते संगठन में रहे सक्रिय
बिलासपुर में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए शुक्ला ने लोकसभा, विधानसभा और निगम चुनावों के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लिया। बूथ स्तर के कार्यक्रमों से लेकर चुनावी सभाओं और रैलियों तक उनकी सक्रियता रही। संगठन से जुड़े नेताओं के मुताबिक, इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें अलग-अलग राज्यों में जिम्मेदारियां मिलती रही हैं।
बघेल के असम प्रभारी बनने के बाद चर्चा में नियुक्ति
शुक्ला को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी नेताओं में माना जाता है। बघेल को असम का प्रभारी बनाए जाने के बाद उसी राज्य में शुक्ला को चुनावी संगठन की जिम्मेदारी मिलना बिलासपुर कांग्रेस के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय है। दोनों नेताओं के बीच पहले भी संगठनात्मक स्तर पर काम करने की बात सामने आती रही है। अरविंद शुक्ला की नई जिम्मेदारी को बिलासपुर कांग्रेस की स्थानीय राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
पूर्व में पंजाब और अब असम में संगठनात्मक भूमिका मिलने से उनका दायरा प्रदेश से बाहर बढ़ा है। शुक्ला को भूपेश बघेल के साथ-साथ कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के करीबी नेताओं में भी गिना जाता है। अब असम में उन्हें प्रदेश कांग्रेस के साथ समन्वय करते हुए उपचुनाव से जुड़े संगठनात्मक कार्यो को आगे बढ़ाना होगा। पार्टी के लिए यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब असम में उपचुनाव को लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।
