
बिलासपुर : देश की नामी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर के उत्पादों के नाम पर डुप्लीकेट सामान बेचने की शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने महादेव ट्रेडर्स में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान ब्रूक ब्रांड की ताजा चायपत्ती के 250 ग्राम वाले 23 पैकेट संदिग्ध पाए गए। कंपनी के प्रतिनिधियों ने इन उत्पादों को डुप्लीकेट बताया है। विभाग ने चायपत्ती को जब्त कर उसका सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है।
कंपनी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
बताया गया कि हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी की ओर से महादेव ट्रेडर्स में उसके उत्पादों के डुप्लीकेट सामान बेचे जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ दुकान पहुंची और वहां रखे उत्पादों की जांच की। इस दौरान ब्रूक ब्रांड की चायपत्ती के 23 पैकेट संदिग्ध मिले। कंपनी प्रतिनिधियों ने लिखित रूप से इन्हें डुप्लीकेट उत्पाद बताया।
सर्फ एक्सेल और इनो के पैकेट भी किए जब्त
जांच के दौरान दुकान से सर्फ एक्सेल की 13 बोरियां और इनो के करीब 4 से 5 पैकेट भी जब्ती में लिए गए। विभाग के अनुसार इन उत्पादों को कंपनी के प्रतिनिधियों की ओर से जब्त किया गया है। चायपत्ती समेत अन्य संदिग्ध उत्पादों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
सामान का बिल नहीं दिखा पाया दूकानदार
कार्रवाई के दौरान दुकानदार संदिग्ध सामान की खरीदी से संबंधित बिल तत्काल प्रस्तुत नहीं कर पाया। विभाग ने सभी संबंधित उत्पादों के बिल जमा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बिल की जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि सामान की सप्लाई कहां से हुई थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संदिग्ध उत्पाद छत्तीसगढ़ के भीतर से आए थे या किसी दूसरे राज्य से।
लैब रिपोर्ट आने और दस्तावेजों के जांच के बाद होगी कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि नकली और असली उत्पादों की पहचान केवल देखकर करना मुश्किल होता है। ऐसे मामलों में संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों की तकनीकी मदद ली जाती है। जब्त किए गए उत्पादों की जांच रिपोर्ट और सप्लाई से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फूड एंड ड्रग विभाग के अभिहित अधिकारी आर आर देवांगन ने बताया कि कंपनी की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर संदिग्ध उत्पादों को जब्त कर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट और सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।