
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जिला अस्पताल परिसर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। रविवार शाम अस्पताल के महिला टॉयलेट में एक नवजात शिशु का शव मिलने से अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के बीच हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शव के साथ नाल और प्लेसेंटा भी पाए गए हैं। फिलहाल नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे अस्पताल के टॉयलेट तक कौन लेकर आया, इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
दुर्गंध से हुआ मामले का खुलासा
बताया गया कि रविवार शाम महिला टॉयलेट से दुर्गंध आने पर अस्पताल के वार्ड बॉय ने वहां जाकर जांच की। निरीक्षण के दौरान फ्लश के पास नवजात का शव दिखाई दिया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी गई और तत्काल पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव का पंचनामा तैयार करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
अस्पताल के रिकॉर्ड में नहीं मिला नवजात से जुड़ा कोई मामला
घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने डिलीवरी रूम, लेबर वार्ड और भर्ती मरीजों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र पैकरा के मुताबिक, अस्पताल में हाल के दिनों में प्रसव कराने वाली महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं के रिकॉर्ड का मिलान किया गया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि संबंधित अवधि में जिन महिलाओं की डिलीवरी हुई, उनके नवजात सुरक्षित और स्वस्थ हैं। ऐसे में टॉयलेट में मिले शव का अस्पताल में दर्ज किसी प्रसव से सीधा संबंध सामने नहीं आया है।
बाहरी व्यक्ति की भूमिका की भी जांच
सिविल सर्जन के मुताबिक अस्पताल के संबंधित वार्ड संयुक्त व्यवस्था में हैं और वहां किसी महिला का प्रसव बिना किसी की नजर में आए होना आसान नहीं है। ऐसे में शुरुआती जांच में पुलिस इस संभावना को भी देख रही है कि नवजात को किसी बाहरी व्यक्ति ने अस्पताल परिसर में लाकर छोड़ा हो। हालांकि, यह केवल प्रारंभिक आशंका है। नवजात की मौत की वास्तविक वजह और उसे अस्पताल तक लाने वाले व्यक्ति की पहचान जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पिछले दो-तीन दिनों के CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
गौरेला थाना प्रभारी शानिप रात्रे के अनुसार, अस्पताल के वार्ड बॉय की सूचना के आधार पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। पिछले दो से तीन दिनों के फुटेज में अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों, संदिग्ध गतिविधियों और महिला टॉयलेट के आसपास की आवाजाही को जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस संभावित परिजनों और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
DNA जांच से भी खुलेगा राज
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के साथ नवजात के DNA सैंपल भी जांच के लिए विधि-विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और DNA जांच के नतीजों से मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी। फिलहाल, पुलिस ने पूरे मामले को जांच के दायरे में रखा है। नवजात की मौत का कारण क्या था और इसके पीछे किसकी भूमिका है, यह जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा। इसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।