इंदौर। बहुचर्चित राजा रघुवंशी हनीमून हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत मेघालय हाईकोर्ट द्वारा बरकरार रखे जाने के बाद मृतक राजा रघुवंशी के परिवार की नाराजगी खुलकर सामने आई है। बेटे को न्याय मिलने की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों ने अदालत के फैसले पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि अब उनका न्याय व्यवस्था पर भरोसा डगमगाने लगा है। मीडिया से बातचीत के दौरान राजा के पिता अशोक रघुवंशी भावुक होकर रो पड़े।

मेघालय हाईकोर्ट ने निचली अदालत के जमानत आदेश को बरकरार रखते हुए पुलिस की ओर से दायर जमानत निरस्तीकरण याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि सोनम रघुवंशी को जमानत की सभी शर्तों का पालन करना होगा और वह बिना अनुमति शिलांग नहीं छोड़ सकेगी। उल्लेखनीय है कि मेघालय पुलिस ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे सोमवार को सुनाया गया।

'न्याय मिलने की उम्मीद थी, अब भरोसा डगमगाने लगा'
फैसले के बाद राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कहा कि परिवार को उम्मीद थी कि कानून उन्हें न्याय दिलाएगा, लेकिन अदालत के इस निर्णय ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया है। उनका कहना है कि जिस महिला पर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है, उसे जमानत मिलना पूरे परिवार के लिए दूसरा बड़ा सदमा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में राहत मिलने से पीड़ित परिवारों का मनोबल टूटता है और न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। उमा रघुवंशी ने महाराष्ट्र के चर्चित केतन हत्याकांड का भी उल्लेख करते हुए आशंका जताई कि यदि गंभीर मामलों में आरोपियों को लगातार राहत मिलती रही, तो अन्य पीड़ित परिवारों की न्याय की उम्मीद भी कमजोर पड़ सकती है।

'दोषियों को कड़ी सजा मिले'
राजा के पिता अशोक रघुवंशी ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि सरकार और न्यायपालिका उनके बेटे को न्याय दिलाएगी। उन्होंने बताया कि वे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह महाराष्ट्र सरकार ने एक अन्य चर्चित हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक सुनवाई की पहल की है, उसी प्रकार मध्यप्रदेश सरकार भी मेघालय सरकार से समन्वय स्थापित कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में सहयोग कर सकती है।

चार आरोपी अब भी जेल में, ट्रायल जारी
मामले में गिरफ्तार राज कुशवाहा और उसके तीन साथियों ने भी जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उनकी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। फिलहाल, चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की ट्रायल प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि इंदौर निवासी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ 21 मई 2025 को हनीमून मनाने मेघालय के शिलांग गए थे। 2 जून 2025 को राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ था। इसके बाद जांच में हत्या की साजिश का मामला सामने आया और पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।