रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में Amit Jogi को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने मामले में दायर दो अलग-अलग याचिकाओं को एक साथ जोड़ते हुए 23 अप्रैल को संयुक्त सुनवाई की तारीख तय की है। इस फैसले के बाद अब नजरें अगली सुनवाई पर टिक गई हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल केस की दिशा तय कर सकती है।

याचिका में अमित जोगी ने दो अहम आदेशों को चुनौती दी थी, एक, जिसमें CBI को अपील करने की अनुमति दी गई, और दूसरा, Chhattisgarh High Court का वह फैसला, जिसमें उन्हें IPC की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई। हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश भी दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।whatsapp-image-2026-04-20-at-122551-pm_1776671092

सुनवाई के बाद अमित जोगी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने अपनी कानूनी टीम Kapil Sibal, Mukul Rohatgi, Vivek Tankha, Siddharth Dave और Shashank Garg का आभार जताया। अब 23 अप्रैल को होने वाली सुनवाई इस बहुचर्चित मामले में अहम मोड़ साबित हो सकती है।