
बिलासपुर : जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) संदीप अग्रवाल के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है । पंचायत सचिव तुलसी ध्रुव के साथ कथित जातिगत दुर्व्यवहार और उन्हें बैठक से बाहर किए जाने के मामले में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए बसपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया । पार्टी ने सीईओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और कार्रवाई की मांग की है ।
बसपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक से रैली निकाली । रैली कलेक्टोरेट पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कलेक्टोरेट का घेराव किया । इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की ।
बैठक में सरनेम पूछने और बाहर जाने का आरोप
बताया जा रहा है कि 24 अप्रैल को सकरी स्थित वन चेतना केंद्र में अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई थी । इसमें ग्राम पंचायत नगोई के सचिव तुलसी ध्रुव भी शामिल हुए थे । बसपा और पंचायत सचिव की शिकायत के मुताबिक, बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने पहले तुलसी ध्रुव से उनका सरनेम पूछा और इसके बाद उन्हें बैठक से बाहर जाने के लिए कहा । घटना के बाद पंचायत सचिव ने कलेक्टर समेत वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की । इसके साथ ही उन्होंने अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई । बसपा का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई ।
शिकायत के बाद जांच और निलंबन पर भी सवाल
बसपा नेताओं का आरोप है कि पंचायत सचिव द्वारा शिकायत किए जाने के बाद उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्वक कार्रवाई शुरू की गई । आरोप के मुताबिक, ग्राम पंचायत नगोई के कार्यों की जांच के लिए बिना किसी शिकायत के आठ सदस्यीय टीम गठित कर दी गई । इसके बाद 13 जुलाई को तुलसी ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया । उन्होंने 27 जुलाई को नोटिस का जवाब दे दिया, लेकिन इसके बावजूद 3 अगस्त को उन्हें निलंबित कर दिया गया । बसपा नेताओं का आरोप है कि शिकायत करने के बाद से पंचायत सचिव को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है ।
पंचायत अधिनियम का हवाला देकर जांच पर आपत्ति
बसपा ने पंचायत कार्यवाही निरीक्षण नियमों और पंचायत राज अधिनियम का हवाला देते हुए जांच की वैधानिकता पर भी सवाल उठाए हैं । पार्टी नेताओं ने इसे कथित जातिगत प्रताड़ना का मामला बताते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सीईओ संदीप अग्रवाल के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है । इसके साथ ही बसपा ने सीईओ के निलंबन और बर्खास्तगी की मांग भी रखी है । पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा ।
सीईओ ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने बसपा और पंचायत सचिव की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है । उनका कहना है कि मामले की शिकायत पहले ही एससी-एसटी आयोग में की जा चुकी है और आयोग स्तर पर जांच भी हो चुकी है । सीईओ ने बैठक में दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि बैठक में कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे । उन्होंने बताया कि मामले की जांच पुलिस अधीक्षक से भी कराई गई थी । संदीप अग्रवाल के मुताबिक, संबंधित कर्मचारी के निलंबन के बाद वह अलग-अलग स्थानों पर लगातार शिकायतें कर रहा है । उन्होंने कहा कि निलंबन की कार्रवाई नियमानुसार की गई है और बैठक में दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप सही नहीं है ।
फिलहाल मामले को लेकर बसपा के प्रदर्शन के बाद जिला पंचायत सीईओ और पंचायत सचिव के बीच विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है । अब सबकी नजर प्रशासन और संबंधित आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है ।