
नई दिल्ली। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम का इस्तेमाल कर दिल्ली-NCR में कारोबारियों और ठेकेदारों से कथित तौर पर रंगदारी वसूलने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के कथित मास्टरमाइंड आरिफ समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि पीड़ितों को विदेश से फोन कर गोल्डी बराड़ के नाम पर धमकाया जाता था और मोटी रकम की मांग की जाती थी।
गोल्डी बराड़ की आवाज की नकल कर विदेश से कॉल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को सीधे गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़ा बताकर लोगों में डर पैदा करते थे। कथित तौर पर दुबई में मौजूद एक व्यक्ति से गोल्डी बराड़ जैसी आवाज में फोन करवाए जाते थे। गिरोह की नजर खास तौर पर दिल्ली-NCR के ठेकेदारों और व्यापारियों पर थी। पुलिस को जांच के दौरान ऐसे कई लोगों के बारे में जानकारी मिली, जिन्हें कथित तौर पर धमकी भरे कॉल किए गए थे।
BJP से जुड़े ठेकेदार को बनाया निशाना
जांच में उत्तरी दिल्ली के एक ठेकेदार प्रवीण जैन का नाम भी सामने आया है। पुलिस का दावा है कि जैन से रंगदारी मांगने के साथ-साथ आरोपियों ने उन पर हमला करने की तैयारी भी कर ली थी। बताया जा रहा है कि कुछ शूटर दिल्ली पहुंच चुके थे और वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े आरोपियों को पकड़ लिया।
रोहिणी के कारोबारी से मांगे 1 करोड़
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने रोहिणी इलाके में रहने वाले एक कारोबारी को भी धमकी देकर कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। जांच के दौरान पुलिस को हथियारों की सप्लाई से जुड़े सुराग भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि गुजरात के एक हथियार सप्लायर से हथियार हासिल कर उन्हें उत्तर प्रदेश भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इस कड़ी की भी जांच की जा रही है।
आरिफ को बताया जा रहा कथित मास्टरमाइंड
पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में आरिफ की अहम भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरिफ की जेल में रहने के दौरान गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े कुछ लोगों से मुलाकात हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उसे गोल्डी बराड़ के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी वसूलने का विचार आया। इसके बाद उसने अपने साथी मुबारक के साथ मिलकर कथित योजना तैयार की। पुलिस का कहना है कि आरिफ ने सीधे गोल्डी बराड़ से बातचीत करने की बात स्वीकार नहीं की है। हालांकि, उसने जेल में गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े लोगों के संपर्क में आने की जानकारी दी है।
आरिफ, मुबारक समेत चार आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरिफ, मुबारक, नवाब अली समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों, शूटरों और विदेश से जुड़े संपर्कों की जानकारी हासिल की जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि अब तक कितने लोगों को इस गिरोह ने निशाना बनाया और कितनी रकम की मांग की गई।
महिला से 200 करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला भी जांच में
पुलिस के सामने सितंबर में एक और गंभीर मामला आया था। उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में रहने वाली करीब 50 वर्षीय महिला को विदेशी नंबर से कथित तौर पर कॉल किया गया था। आरोप है कि कॉलर ने गोल्डी बराड़ का नाम लेकर महिला से 200 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कॉल का संबंध इसी नेटवर्क से है या यह कोई अलग गिरोह था।
असली कनेक्शन या सिर्फ नाम का इस्तेमाल?
पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि गिरफ्तार आरोपी वास्तव में गोल्डी बराड़ के नेटवर्क से जुड़े थे या उन्होंने सिर्फ उसके नाम और उसकी पहचान का इस्तेमाल करके लोगों में डर पैदा किया। पुलिस इसी एंगल पर भी जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के संपर्क, कॉल रिकॉर्ड, विदेश से हुई बातचीत और हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल के बाद मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।