
बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। देशी शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी लगवाने का भरोसा देकर एक युवक से 2 लाख 9 हजार रुपये लेने और कथित नियुक्ति पत्र देने के आरोप में पूर्व भाजपा नेता कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत के आधार पर भाटापारा शहर पुलिस ने BNS की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब पैसों के लेन-देन, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों और आरोपों में बताए गए अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
शराब दुकान में नौकरी का दिया गया था भरोसा
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसे अर्जुनी स्थित देशी मदिरा दुकान में सेल्समैन के पद पर नियुक्त कराने का भरोसा दिया गया था। नौकरी के बदले उससे अलग-अलग समय पर रकम मांगी गई। शिकायत में बताया गया है कि युवक ने अलग-अलग किस्तों में कुल ₹2.09 लाख का भुगतान किया। कथित तौर पर 5 जून को 60 हजार रुपये, 18 जून को 19 हजार रुपये और उसी दिन बैंक खाते के माध्यम से 1 लाख रुपये दिए गए। इसके बाद 1 जुलाई को 30 हजार रुपये और देने की बात शिकायत में कही गई है।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद सामने आया मामला
शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम देने के बाद उसे नौकरी से संबंधित कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और रायपुर स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय में संपर्क करने के लिए कहा गया। जब युवक रायपुर पहुंचा और संबंधित नियुक्ति दस्तावेजों को लेकर कंपनी से जानकारी ली, तो उसे कथित तौर पर दस्तावेजों की वैधता को लेकर अलग जानकारी मिली। शिकायत में दावा किया गया है कि स्पेक्ट्रम कंपनी की ओर से प्रणव अवस्थी नाम के व्यक्ति के वहां नियुक्त होने की जानकारी से इनकार किया गया। इसके बाद युवक को कथित नियुक्ति पत्र पर संदेह हुआ।
पैसे वापस मांगने पर बढ़ा विवाद
नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद शिकायतकर्ता ने अपनी रकम वापस करने की मांग शुरू की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसे नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए गए थे, लेकिन नौकरी नहीं मिली। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद अब पूरे लेन-देन और दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है।
अन्य लोगों से भी रकम लेने का आरोप
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि जिले की अलग-अलग देशी शराब दुकानों में सेल्समैन की नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य लोगों से भी पैसे लिए जाने की जानकारी सामने आई है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो मामले का दायरा बढ़ सकता है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर कितने लोगों से संपर्क किया गया और पैसों का लेन-देन किस तरीके से हुआ।
BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
भाटापारा शहर पुलिस ने मामले में BNS की धारा 318(4), 338, 336(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। साथ ही कथित नियुक्ति पत्र, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और कंपनी से संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।