
बिलासपुर : कांग्रेस नेता पर हमला करने की साजिश के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी दीपक तिवारी को तारबाहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस और साइबर टीम कई दिनों से तकनीकी इनपुट जुटाकर संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
मॉर्निंग वॉक पर गये, तभी हुआ था हमला
मामला 4 जुलाई की सुबह का है। शिशिर कश्यप अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने गए थे। इसी दौरान उनके पिता का फोन आया। उन्होंने बताया कि वे सुबह करीब 6.45 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे और रेलवे अस्पताल के पास पहुंचे थे। तभी तीन नकाबपोश युवक वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। आरोपियों के हाथ में डंडे और नुकीली वस्तुएं थीं। इसके बाद उन्होंने मारपीट कर दी।
शिकायत के बाद तारबाहर पुलिस ने मामले में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई अहम सुराग मिले।
एक-एक कर पकड़े गए आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने नितिन टेकाम, विधि से संघर्षरत बालक, आंचल साहिल और नवीन पटेल को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। वहीं मामले का मुख्य आरोपी दीपक तिवारी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से वार्ड नंबर-1 पटेराटोला, थाना गौरेला क्षेत्र का रहने वाला है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह दूसरे राज्यों में ठिकाना बदलता रहा। पुलिस को उसके नेपाल चले जाने की भी जानकारी मिली थी। इसके बाद साइबर टीम लगातार उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की तकनीकी जानकारी जुटाती रही।
घेराबंदी कर किया गिरफ्तार, मोबाइल भी जब्त
लगातार निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी की घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पूछताछ और जांच के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई में तारबाहर पुलिस और साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।