कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र के केसालपारा गांव में धर्म को लेकर विवाद गहरा गया है। एक विधवा महिला ने आरोप लगाया है कि उस पर मूल धर्म में लौटने का दबाव बनाया जा रहा है और इंकार करने पर उसके घर की बाउंड्रीवाल में तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की गई है।

महिला ने लगाए दबाव और तोड़फोड़ के आरोप
पीड़ित महिला का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद वह अपने चार बच्चों के साथ रह रही है। उसके अनुसार, उसने अपनी इच्छा और आस्था के आधार पर ईसाई धर्म को अपनाया है तथा इस निर्णय के लिए उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं डाला गया था। महिला का आरोप है कि अब कुछ लोग उस पर मूल धर्म में लौटने का दबाव बना रहे हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके घर पहुंची भीड़ ने बाउंड्रीवाल में तोड़फोड़ की।

ग्रामीणों का पक्ष भी आया सामने
दूसरी ओर, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि गांव में धर्म परिवर्तन को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। उनका आरोप है कि इस कारण गांव की सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालांकि, तोड़फोड़ के आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रशासन से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
महिला ने प्रशासन से अपने और अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि उसे अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने और सुरक्षित वातावरण में रहने का संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए।

प्रशासन की भूमिका पर टिकी निगाहें
घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, दोनों पक्षों की बात निष्पक्ष रूप से सुनने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की चुनौती है। पुलिस और प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।