अंबिकापुर। शहर से सटे भकुरा गांव में आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने आज 13 अगस्त को ऐसा विरोध प्रदर्शन किया, जिसने कलेक्ट्रेट में मौजूद अफसरों और कर्मचारियों का ध्यान खींच लिया है। लंबे समय से सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की समस्या से परेशान ग्रामीण कई पशुओं को पकड़कर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गए। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने मवेशियों को खड़ा कर प्रशासन के सामने समस्या रखी और कहा कि सिर्फ शिकायतों से हालात नहीं बदल रहे हैं। अब इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।

कलेक्ट्रेट के बाहर अचानक जमा हो गया मवेशियों का झुंड
गुरुवार को भकुरा के ग्रामीण बड़ी संख्या में आवारा मवेशियों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। देखते ही देखते कार्यालय के प्रवेश द्वार के आसपास पशुओं का जमावड़ा हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर इतने मवेशियों को देखकर वहां मौजूद अधिकारी-कर्मचारी भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए। ग्रामीणों का कहना था कि वे प्रशासन को यह दिखाना चाहते हैं कि गांव और आसपास के इलाकों में आवारा पशुओं की स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है।

सड़कों पर मवेशी, हादसे का बढ़ रहा खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक पशुपालकों द्वारा मवेशियों को खुले में छोड़ दिया जाता है। इसके बाद ये पशु गांव की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पहुंच जाते हैं। कई बार सड़क पर अचानक मवेशियों के आ जाने से वाहन चालकों को ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का दावा है कि इस समस्या को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई गई, लेकिन प्रभावी समाधान नहीं होने के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।

‘सिर्फ पकड़ने से नहीं, स्थायी व्यवस्था से होगा समाधान’
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि आवारा मवेशियों के लिए सुरक्षित और स्थायी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि मवेशियों को पकड़कर कुछ समय के लिए हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके रखरखाव और संरक्षण की स्थायी व्यवस्था जरूरी है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने खुले में मवेशी छोड़ने वाले पशुपालकों की जिम्मेदारी तय करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
भकुरा के ग्रामीणों का यह प्रदर्शन आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर बढ़ती नाराजगी को सामने लाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पशुओं के लिए उचित व्यवस्था और पशुपालकों की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक सड़क पर मवेशियों की समस्या खत्म होना मुश्किल है। कलेक्ट्रेट के बाहर मवेशियों को लाकर प्रदर्शन करने का ग्रामीणों का यह तरीका फिलहाल, चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।