
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल में देर रात उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब स्थानीय विधायक संदीप साहू अपने समर्थकों के साथ सीधे कसडोल थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए। विधायक ने आरोप लगाया कि यातायात पुलिस की कार्रवाई आम लोगों, किसानों और छोटे व्यापारियों तक सीमित है, जबकि अवैध गतिविधियों और बड़े वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। देर रात थाने के बाहर शुरू हुए इस धरना-प्रदर्शन से पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई।
'आम जनता पर कार्रवाई, बड़े वाहनों को छूट'
धरने के दौरान विधायक संदीप साहू ने आरोप लगाया कि कसडोल और आसपास के गांवों से आने वाले किसान, व्यापारी और दोपहिया वाहन चालक रोजाना ट्रैफिक चेकिंग के दौरान कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि दूसरी ओर अवैध रेत परिवहन करने वाले भारी वाहनों और अन्य बड़े वाहन संचालकों के खिलाफ अपेक्षित सख्ती दिखाई नहीं देती।
अवैध शराब और कानून व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
विधायक ने क्षेत्र में कथित अवैध शराब बिक्री का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि पुलिस इन मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय कृषि कार्य या घरेलू जरूरतों के लिए कसडोल आने वाले आम नागरिकों पर अधिक ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता कानून व्यवस्था सुधारने के बजाय चालानी कार्रवाई तक सीमित दिखाई देती है।
ट्रैफिक चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली का आरोप
संदीप साहू ने ट्रैफिक जांच अभियान पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चेक पोस्टों पर आम लोगों को अनावश्यक रूप से रोका और परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि छोटे वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती की जाती है, जबकि बड़े वाहनों को कथित रूप से पैसे लेकर छोड़ दिया जाता है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम
धरना स्थल पर विधायक ने थाना प्रभारी को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में ट्रैफिक व्यवस्था और कार्रवाई के तरीके में सुधार नहीं हुआ तो व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगला प्रदर्शन पहले से बड़ा होगा और इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार
देर रात तक धरना-प्रदर्शन को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना रहा। फिलहाल, पुलिस विभाग की ओर से विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले को लेकर आगे पुलिस का पक्ष और प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है.