
सारंगढ़-बिलाईगढ़ | सरकारी काम के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी गुरुवार को खत्म होती दिखी, जब पूरा प्रशासनिक अमला खुद ग्रामीणों के द्वार पहुंचा। सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम केड़ार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित 'सुशासन तिहार शिविर' में हजारों की संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। शिविर का सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि लोगों को अपनी समस्याओं के लिए भटकना नहीं पड़ा; पंजीयन काउंटर पर शिकायतें दर्ज होने के साथ ही कई हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का तत्काल लाभ दे दिया गया। शिविर का फोकस सिर्फ कागजी कार्रवाई पर नहीं, बल्कि धरातल पर सीधा लाभ पहुंचाने और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित रहा। पूरे दिन चले इस शिविर में अलग-अलग समस्याओं और मांगों को लेकर 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
महिला सशक्तिकरण की दिखी खास झलक
शिविर में महिलाओं की भागीदारी और उनका उत्साह देखते ही बन रहा था। 'लखपति दीदी' योजना के तहत आजीविका मिशन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 6 महिलाओं को मौके पर ही चेक वितरित किए गए। वहीं, 5 लखपति दीदियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा, दिशा आदर्श स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने ब्रेड और विभिन्न स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्टॉल लगाया, जो ग्रामीणों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा और लोगों ने यहां जमकर खरीदारी की।
इन हितग्राहियों को मिला हाथों-हाथ लाभ
आवास और पेंशन: पक्के मकान का सपना पूरा करते हुए 7 हितग्राहियों को पीएम आवास पूर्णता प्रमाण पत्र दिए गए। वहीं, 8 बुजुर्गों/जरूरतमंदों को नवीन पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपे गए।
स्वास्थ्य व श्रम: स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 आयुष्मान कार्ड और 2 फूड बॉक्स दिए, जबकि श्रम विभाग ने 6 हितग्राहियों के श्रम कार्ड मौके पर ही बनाकर सौंपे।
कृषि और मत्स्य पालन:किसानों को खेती-किसानी के लिए उन्नत बीज और हरिखाद दी गई। वहीं, मछुआरों को मछली जाल और आइस बॉक्स का वितरण किया गया।
कलेक्टर ने खुद परखीं व्यवस्थाएं
विभिन्न विभागों ने शिविर में अपने स्टॉल लगाकर लोगों को योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जनप्रतिनिधियों के साथ सभी स्टॉलों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, जिलाध्यक्ष (सत्ताधारी दल) ज्योति पटेल, एसडीएम वर्षा बंसल, जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, जनपद पंचायत सीईओ पटेल समेत जिले के तमाम आला अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
