लखनऊ। Lucknow के प्रतिष्ठित King George's Medical University (KGMU) में फर्जी डॉक्टर बनकर घूम रहे एक युवक की गिरफ्तारी ने सुरक्षा और सत्यापन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताने वाला हस्साम अहमद बिना वैध डिग्री के लंबे समय से परिसर में सक्रिय था। प्रशासन द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया, जिसके बाद अब मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब दो वर्षों से संस्थान में किसी न किसी रूप में मौजूद था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसे अंदर तक पहुंच किसने दिलाई और किन लोगों का संरक्षण उसे मिला। उसके पास से मिले दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं, जबकि मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जा रही है, ताकि उसके नेटवर्क और गतिविधियों का पूरा खुलासा हो सके।

जांच एजेंसियां इस मामले को हाल ही में सामने आए अन्य विवादों से जोड़कर भी देख रही हैं, जिसमें Dr. Rameezuddin का नाम सामने आया था। पुलिस दोनों के बीच संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है, जिसकी जांच अब प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।