खैरागढ़। जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कृत्रिम तरीके से फल पकाने के मामले का खुलासा किया है। तीन दिनों तक चले निरीक्षण अभियान में अधिकारियों ने कई स्थानों पर सड़े-गले फल नष्ट कराए, एक जूस सेंटर बंद कराया और केमिकल से फल पकाने वाले प्रतिष्ठान से बड़ी मात्रा में केले जब्त किए।

कलेक्टर के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न फल बाजारों, मंडियों और दुकानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान छुईखदान क्षेत्र में खराब गुणवत्ता वाले आम, केले, पपीता और अंगूर को मौके पर ही नष्ट कराया गया। वहीं एक जूस सेंटर में गंदगी और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर उसे तत्काल बंद करा दिया गया है.fruit-012

इसके अलावा इतवारी बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में भी बड़ी मात्रा में खराब फल जब्त कर नष्ट किए गए। अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए है। सबसे अहम कार्रवाई गंडई क्षेत्र के एक फल भंडार में की गई, जहां जांच के दौरान फलों को जल्दी पकाने के लिए रसायनों के इस्तेमाल का मामला सामने आया। टीम ने मौके से कई प्रकार के रिपनिंग केमिकल बरामद किए और जांच के लिए फलों के नमूने एकत्र किए।

अधिकारियों ने अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए लगभग 60 कैरेट केले जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई जा रही है। जब्त किए गए फलों और नमूनों को आगे की जांच के लिए भेजा गया है। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। कृत्रिम तरीके से फल पकाने, प्रतिबंधित रसायनों के उपयोग और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।