
महासमुंद। खेत में मेढ़ बनाने का एक सामान्य काम अचानक इतिहास के एक बड़े रहस्य का दरवाजा खोल देगा, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। महासमुंद के बम्हनी गांव में किसान जब खेत की मेढ़ तैयार कर रहा था, तभी जमीन के भीतर से ऐसी प्राचीन प्रतिमाएं निकलने लगीं जिन्होंने पूरे इलाके में कौतूहल और उत्साह पैदा कर दिया है। सूचना मिलते ही पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच में इन प्रतिमाओं को 8वीं से 10वीं शताब्दी के आसपास का बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिमाओं की बनावट, शिल्पकला और पत्थरों की संरचना इस बात की ओर संकेत करती है कि यहां कभी कोई प्राचीन मंदिर या धार्मिक परिसर मौजूद रहा होगा। मौके पर द्वारपाल की प्रतिमाएं, मंदिर से जुड़े अवशेष और अन्य कलाकृतियां बिखरी हुई मिली हैं, जिससे यह क्षेत्र पुरातात्विक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस खोज के बाद बम्हनी गांव अचानक चर्चा का केंद्र बन गया है। दूर-दूर से लोग इन दुर्लभ प्रतिमाओं को देखने पहुंच रहे हैं। वहीं ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग उठाई है कि पूरे क्षेत्र को संरक्षित घोषित कर वैज्ञानिक तरीके से खुदाई कराई जाए, ताकि धरती के नीचे दफन इतिहास के और भी रहस्य सामने आ सकें। अब सभी की निगाहें पुरातत्व विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। क्योंकि संभव है कि महासमुंद की यह धरती आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के इतिहास से जुड़े कई अनमोल अध्यायों का खुलासा करे।