
अयोध्या। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर से जुड़ा एक मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित गबन की खबरों के बाद प्रशासनिक गलियारों से लेकर राजनीतिक हलकों तक हलचल तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो पूरे प्रकरण की तह तक जाने की तैयारी में है।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां अब दान राशि के लेन-देन, वित्तीय रिकॉर्ड, तकनीकी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की पड़ताल करेंगी। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि कहीं किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता, लापरवाही या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस बीच मामले ने और तूल तब पकड़ लिया जब वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार ने कथित अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। हालांकि उनके द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की घोषणा के बावजूद अभी तक कोई औपचारिक शिकायत पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई है। यही वजह है कि पूरे मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल, मंदिर ट्रस्ट भी अपने स्तर पर तथ्यों की जांच में जुटा हुआ है। अब सबकी निगाहें SIT की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं। क्योंकि मामला सिर्फ वित्तीय अनियमितता के आरोपों का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है।