कुरूद। धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नारी गांव में पानी के बीच फंसे 40 लोगों को प्रशासन और SDRF की संयुक्त टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।

SDRF और राजस्व टीम ने संभाला मोर्चा
नारी गांव में स्थिति बिगड़ने की सूचना के बाद तहसीलदार सूरज बंछोर के नेतृत्व में राजस्व अमला मौके पर पहुंचा। हालात को देखते हुए रायपुर से SDRF की टीम भी बुलवाई गई। इसके बाद दोनों टीमों ने मिलकर बाढ़ प्रभावित हिस्से में अभियान चलाया और पानी के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। नायब तहसीलदार रामकुमार सिन्हा समेत राजस्व विभाग के कर्मचारी भी रेस्क्यू अभियान में मौजूद रहे। बाद में एसडीएम नभसिंह कोसले ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राहत कार्य में लगे अधिकारियों से जानकारी ली और प्रभावित लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।लोगों को भोजन परोसते हुए

सलोनी गांव में भी लोगों को सुरक्षित पहुंचाया
कुरूद क्षेत्र के ग्राम सलोनी में भी जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। प्रशासनिक अमले और पटवारियों ने मौके पर राहत व्यवस्था संभाली। प्रभावित लोगों के लिए भोजन सहित जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का काम भी किया गया। प्रशासन की टीमें लगातार संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की स्थिति में तत्काल बचाव अभियान शुरू करने के लिए भी अमला तैयार रखा गया है।

कई सड़कों पर पानी, आवाजाही पर ब्रेक
लगातार बारिश का असर कुरूद के सड़क संपर्क पर भी पड़ा है। कन्हारपुरी-भखारा मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। भूसरेंगा के पास नाले का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। इसके अलावा सेनचुवा-सेमरा और डंडेसरा-डाही मार्ग पर भी पानी भरने के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से जलमग्न सड़कों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है। विशेष रूप से तेज बहाव वाले रास्तों पर अनावश्यक जोखिम से बचने की सलाह दी गई है।पैरों तक आया पानी

खेतों में पानी भरने से किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश और जलस्तर बढ़ने का असर अब खेती-किसानी पर भी दिखाई देने लगा है। कुरूद क्षेत्र के कई खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। किसानों की नजर अब बारिश के साथ-साथ नदी-नालों के जलस्तर पर भी टिकी है।

महानदी और पैरी नदी समेत आसपास के जलस्रोतों की स्थिति पर प्रशासन निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हालात के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों को भेजा जाएगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना और जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल मदद पहुंचाना है।