
Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले के कथित मास्टरमाइंड बृजेंद्र गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है। अब दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र लाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि पूरे पेपर लीक सिंडिकेट की परतें खोली जा सकें।
पुलिस के मुताबिक, बृजेंद्र गुप्ता गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसकी तलाश में महाराष्ट्र पुलिस की कई टीमें बिहार के अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर रही थीं। आखिरकार संयुक्त अभियान में उसे पकड़ लिया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि गुप्ता सिर्फ महाराष्ट्र TET पेपर लीक तक सीमित नहीं था, बल्कि उसका नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े गिरोहों से उसके संबंध हो सकते हैं।
पत्नी समेत कई आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में इससे पहले पुलिस बृजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में दावा किया गया है कि सुमन गुप्ता को पूरे नेटवर्क की गतिविधियों की जानकारी थी और कथित तौर पर उनकी मौजूदगी में सिंडिकेट से जुड़े वित्तीय लेनदेन किए गए थे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि दिल्ली और पटना में खरीदी गई कुछ संपत्तियां कहीं पेपर लीक से अर्जित धन से तो नहीं खरीदी गईं। 3 जुलाई को SIT ने कपिल डायरिया, मिथुन सिंह और सोनू सिंह को भी गिरफ्तार किया था। जांच के अनुसार, कपिल डायरिया मुंबई में लीक प्रश्नपत्र के खरीदार तलाश रहा था, जबकि मिथुन सिंह पर पुणे में पेपर पहुंचाने का आरोप है। वहीं, सोनू सिंह पर फर्जी पहचान पत्र तैयार कर नेटवर्क को मदद पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
NEET पेपर लीक के बाद स्टिंग ऑपरेशन से चर्चा में आया था नाम
बृजेंद्र गुप्ता का नाम पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर तब चर्चा में आया था, जब वर्ष 2024 में NEET पेपर लीक मामले के बाद एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में उसने कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क के काम करने के तरीकों और परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों पर कई दावे किए थे। उस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों की नजर उस पर बनी हुई थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या महाराष्ट्र TET पेपर लीक और देश के अन्य परीक्षा घोटालों के बीच कोई साझा नेटवर्क काम कर रहा था। अधिकारियों का मानना है कि बृजेंद्र गुप्ता से पूछताछ के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
ऐसे सामने आया था पूरा मामला
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 28 जून को प्रस्तावित महाराष्ट्र TET परीक्षा से पहले ठाणे के कोंगांव इलाके में लीक प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश कर रहे आकाश कुमार, राजीव कुमार और धीरज सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में मिले इनपुट के आधार पर SIT ने कई राज्यों में अभियान चलाया और धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क का खुलासा होना शुरू हुआ। पेपर लीक के चलते महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद को परीक्षा स्थगित करनी पड़ी, जिससे करीब छह लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए। अब मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद उम्मीद की जा रही है कि जांच एजेंसियां पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर सकेंगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी पहुंच बनाएंगी।