
बिलासपुर । बिलासपुर में आईपीएल सट्टे के जिस खेल में शहर की प्रथम नागरिक यानी महापौर पूजा विधानी के भतीजे विशाल विधानी की गिरफ्तारी हुई है उसमें अब एक नया मोड़ आ गया है। पुलिस इस मामले को सिर्फ मोहरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखने वाली है। सट्टे के इस इंटरनेशनल सिंडिकेट की जड़ें खोदने के लिए बिलासपुर पुलिस की एक विशेष टीम अब गोवा जाने की तैयारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह साफ हो गया है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड गोवा में बैठा राजा अरोरा है। यही वह शख्स है जो दुबई से सट्टे का सर्वर और लिंक लाकर बिलासपुर के रसूखदारों को परोसता था।
शहर में कुछ लोगों को लगता है कि उनके सिर पर सत्ता का हाथ है तो वह कानून की आंखों में बड़ी आसानी से धूल झोंक सकते हैं। महापौर का भतीजा विशाल विधानी भी शायद इसी मुगालते में जी रहा था। उसे लगता था कि राजनीतिक परिवार का ठप्पा उसे हर पुलिसिया कार्रवाई से बचा लेगा। वह अपने गुर्गे दीपक भक्तानी के जरिए शहर भर में सट्टे की आईडी बांट रहा था और हर कमाई पर आठ प्रतिशत का मोटा कमीशन डकार रहा था। लेकिन बिलासपुर पुलिस ने इनके रसूख का सारा नशा उतार दिया। कोतवाली पुलिस ने दोनों को दबोच कर हवालात की हवा खिला दी है। इनके पास से कीमती मोबाइल स्कूटी और लाखों रुपये नकद बरामद हुए हैं।
इन सटोरियों की चालाकी का आलम यह था कि पुलिस से बचने के लिए यह चलती कार को ही सट्टा बाजार बनाकर घूम रहे थे। दूसरे मामले में सिरगिट्टी पुलिस ने एक सफेद रंग की लग्जरी क्रेटा कार पकड़ी है। इस कार में रामेश्वर गुप्ता दीपचंद सोनकर और सीताराम साहू मजे से शहर की सड़कों पर घूमते हुए ऑनलाइन दांव लगवा रहे थे। ये खुद को किसी शातिर जासूस से कम नहीं समझ रहे थे लेकिन मुखबिरों का नेटवर्क इनकी चालाकी पर भारी पड़ गया। पुलिस ने घेराबंदी करके इन्हें बीच सड़क पर धर दबोचा। इन हाईटेक सटोरियों के पास से पांच लाख रुपये से ज्यादा नकद और दस लाख की कार जब्त हुई है। पकड़े जाने पर इन शातिरों ने मोबाइल से सबूत मिटाने की नीयत से सट्टे के सारे स्क्रीनशॉट डिलीट कर दिए थे। लेकिन पुलिस की साइबर टीम ने सारा कच्चा चिट्ठा वापस निकाल लिया और इनकी सारी होशियारी धरी की धरी रह गई।
अब शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर इतने बड़े राजनीतिक रसूख वाले परिवार के सदस्य की गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होने वाला है। अक्सर ऐसे हाई प्रोफाइल मामलों में सफेदपोश नेता थानों में डेरा डाल लेते हैं और मामले को रफा दफा करने के लिए फोन घनघनाने लगते हैं। लेकिन इस बार ऐसा कोई भी राजनीतिक जुगाड़ काम नहीं आने वाला है। जिले के एसपी बहुत सख्त मिजाज के हैं और उनका सीधा आदेश है कि अपराध करने वाला चाहे किसी भी दल का हो या किसी भी कुर्सी पर बैठे नेता का रिश्तेदार हो उसे बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा। पुलिस पर किसी भी तरह के पॉलिटिकल दबाव का कोई असर नहीं होने वाला है। रसूख की आड़ में जुर्म करने वालों की सही जगह केवल जेल है।
घटना के बाद अब पुलिस हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है। पुलिस की टीम बहुत जल्द मुख्य सरगना राजा अरोरा को दबोचने के लिए गोवा रवाना होने वाली है ताकि दुबई तक फैले इस पूरे नेटवर्क को हमेशा के लिए नेस्तनाबूत किया जा सके। इसके साथ ही पुलिस उन सभी बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को खंगाल रही है जिनका इस्तेमाल इस काले कारोबार में हो रहा था। पुलिस का यह तगड़ा एक्शन उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो सत्ता की आड़ में अपना अवैध धंधा चमकाने का सपना देखते हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि बिलासपुर में जुआ और सट्टा के खिलाफ यह अभियान अब और भी तेज होने वाला है और कोई भी अपराधी पुलिस के रडार से बच नहीं पाएगा।




