
जशपुर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मासूम बच्चे की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने अपने ही बच्चे को बिचौलियों के जरिए पश्चिम बंगाल की एक महिला के परिवार तक पहुंचा दिया। बच्चे का सौदा 1 लाख 80 हजार रुपये में किए जाने का खुलासा हुआ है। मामले की शिकायत मिलने के बाद कुनकुरी पुलिस ने जांच शुरू की और पश्चिम बंगाल तक पहुंच गई। पुलिस ने वहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। प्रकरण में बच्चे की मां समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति, साथ रह रही थी महिला
पुलिस के अनुसार 12 अगस्त को कुनकुरी के ब्लॉक कॉलोनी निवासी लक्ष्मी बाई ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे शंकर चौहान को पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। शंकर चौहान, यशोदा यादव के साथ रहता था। यशोदा ने 18 दिसंबर 2025 को एक बच्चे को जन्म दिया था। आरोप है कि मार्च 2026 में बच्चे को बेच दिया गया। शिकायत के आधार पर कुनकुरी थाने में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम की धारा 81 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 143(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बिचौलिए से खुला पश्चिम बंगाल का कनेक्शन
जांच के दौरान पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी सुकरू आलम उर्फ बंगाली (43) को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि उसकी पहचान कुनकुरी में यशोदा यादव से हुई थी और उसी के माध्यम से बच्चा पश्चिम बंगाल निवासी शेख अलविन तक पहुंचाया गया। इसके बाद डीआईजी एवं एसएसपी डॉ लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई और उसे पश्चिम बंगाल रवाना किया गया। वहां पुलिस ने शेख अलविन (52) को पकड़कर पूछताछ की।
1 लाख 80 हजार रुपये में खरीदा था बच्चा
पूछताछ में शेख अलविन ने बताया कि उसने मार्च 2026 में यशोदा यादव के बच्चे को 1 लाख 80 हजार रुपये में खरीदा था और अपनी बेटी को दे दिया था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने बच्चे को बरामद किया और सुरक्षित संरक्षण में लिया। बरामद बच्चे की उम्र करीब 9 से 10 माह बताई गई है।
मां समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने बच्चे की मां यशोदा यादव सहित सुकरू आलम उर्फ बंगाली, शेख अलविन, निर्मला तिर्की और फूलकुंवारी यादव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल बच्चे की सुरक्षा और संरक्षण से जुड़ी आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।