
कांकेर। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से जुड़े गढ़चिरौली जिले में फर्जी नक्सली बैनर-पोस्टर लगाकर दहशत फैलाने की कथित साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में एक भाजपा नेता और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने नक्सलियों के नाम पर लोगों में भय का माहौल बनाने के उद्देश्य से यह पूरी साजिश रची थी।
सर्च ऑपरेशन में मिला संदिग्ध बैनर
पुलिस के अनुसार, पिपली-बुर्गी क्षेत्र में नियमित सर्च ऑपरेशन के दौरान सड़क किनारे एक साइनबोर्ड के नीचे लाल रंग का संदिग्ध बैनर मिला। बैनर पर नक्सली संगठन के नाम से धमकी भरे संदेश लिखे गए थे। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देश पर विशेष जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने गढ़चिरौली निवासी शिवा अनिल मिस्त्री और पखांजूर निवासी रंजीत (रोहित रंजीत) मलिक को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, शिवा मिस्त्री कोयलीबेड़ा जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक-24 (इरपानार) से निर्वाचित सदस्य हैं और सीमा क्षेत्र में खनन एवं परिवहन से जुड़े कार्य करते हैं।
पूछताछ में कबूल किया जुर्म
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने फर्जी नक्सली बैनर लगाने की बात स्वीकार कर ली। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
गढ़चिरौली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध पोस्टर, बैनर या अफवाह पर बिना पुष्टि विश्वास न करें और ऐसी किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि समाज में दहशत फैलाने या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.