
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा में नशे की बड़ी खेप को दूसरे राज्य तक पहुंचाने की कोशिश पुलिस ने नाकाम कर दी। कोन्टा पुलिस ने एक पिकअप वाहन से 308 किलो 280 ग्राम गांजा बरामद किया है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए गांजे को नमक की बोरियों के नीचे छिपा रखा था। कार्रवाई के दौरान राजस्थान के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गांजे और परिवहन में इस्तेमाल पिकअप समेत करीब 1.64 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का दावा किया है।
राजस्थान नंबर की गाड़ी ने खींचा पुलिस का ध्यान
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह ने बताया कि 18 अगस्त को कोन्टा पुलिस को सूचना मिली थी कि राजस्थान नंबर की एक पिकअप में अवैध गांजे की खेप ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने दोरनापाल के वार्ड क्रमांक-5 स्थित कृष्ण मंदिर चौक के पास नाकाबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप RJ-27-GE-6757 को रोककर तलाशी ली गई।
ऊपर नमक, नीचे छिपी थी गांजे की खेप
पुलिस के मुताबिक, वाहन को पहली नजर में सामान्य मालवाहक दिखाने की कोशिश की गई थी। पिकअप में नमक की बोरियां लदी थीं, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से तलाशी ली तो बोरियों के नीचे छिपाकर रखे गए पैकेट सामने आए। तलाशी में 150 पैकेटों से कुल 308 किलो 280 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे की पूरी खेप के साथ उसे ले जाने के लिए इस्तेमाल की जा रही पिकअप को भी जब्त कर लिया।
भीलवाड़ा के दो युवकों पर तस्करी का आरोप
मामले में पुलिस ने 24 वर्षीय शिव कुमार प्रजापति और 24 वर्षीय उदय राम बलाई को गिरफ्तार किया है। दोनों राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रहने वाले बताए गए हैं। राजस्थान नंबर के वाहन से इतनी बड़ी मात्रा में गांजा ले जाने के कारण पुलिस पूरे मामले को अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क के नजरिए से देख रही है।
1.54 करोड़ का गांजा, कुल जब्ती 1.64 करोड़ से ज्यादा
पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 54 लाख 14 हजार रुपये है। वहीं, गांजे के परिवहन में इस्तेमाल वाहन समेत कुल 1 करोड़ 64 लाख 49 हजार 550 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। अब जांच सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी खेप कहां से आई, किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन लोग काम कर रहे थे।
मोबाइल और नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
पूछताछ के दौरान आरोपियों से गांजे के स्रोत और संभावित खरीदारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस तस्करी के पूरे रूट और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अगर पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
NDPS Act के तहत केस दर्ज
कोन्टा थाने में अपराध क्रमांक 25/2026 दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 20(b)(ii)(C) और 29 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। सुकमा पुलिस का कहना है कि अभियान का लक्ष्य केवल गांजा लेकर जा रहे लोगों को पकड़ना नहीं, बल्कि नशे की सप्लाई चेन की जड़ तक पहुंचना है। नमक की बोरियों की आड़ में छिपाई गई 308 किलो गांजे की यह खेप बताती है कि तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। अब जांच की असली चुनौती इस खेप के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है।